डोनाल्ड ट्रंप का विवादित बयान: ब्राजील चुनाव को भारत से जोड़ा
ट्रंप का बयान और भ्रम
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान के कारण सुर्खियों में हैं। हाल ही में ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा करते हुए, उन्होंने गलती से भारत का नाम ले लिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि भारत में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 करोड़ लोगों ने वोट डाला और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
अमेरिकी वोटिंग प्रणाली पर सवाल
ट्रंप ने इस दौरान अमेरिका के वोटिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया जैसी जगहों पर कम वोटरों के बावजूद वोटों की गिनती में हफ्तों लग जाते हैं।
गलत आंकड़े और ब्राजील का चुनाव
2.5 करोड़ को समझ लिया 125 करोड़
ट्रंप का यह बयान पूरी तरह से गलत था। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को पहले चरण में बहुमत नहीं मिला। वहां कुल वैध वोटों की संख्या लगभग 125 मिलियन यानी 12.5 करोड़ थी, जिसे ट्रंप ने गलती से 125 करोड़ समझ लिया। मतदान शाम पांच बजे समाप्त हुआ और परिणाम तुरंत आने लगे।
ब्राजील में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबला था। बहुमत न मिलने के कारण अब 25 अक्टूबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा।
भारत में राष्ट्रपति चुनाव की स्थिति
भारत में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर क्या है सच्चाई?
भारत में फिलहाल कोई राष्ट्रपति चुनाव नहीं हो रहा है। वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं, जिन्होंने जुलाई 2022 में पद ग्रहण किया था। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा होता है, जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक और सांसद शामिल होते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारत में लगभग 98 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।
ट्रंप की भारतीय चुनाव प्रणाली की सराहना
पहले भी कर चुके हैं भारतीय चुनाव प्रणाली की तारीफ
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारतीय चुनाव प्रणाली की प्रशंसा की है। अगस्त में उन्होंने कहा था कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनकी टीम से बात की थी और आश्चर्य व्यक्त किया था कि अमेरिका में बिना फोटो आईडी के चुनाव कैसे हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बातें 'सेव अमेरिका एक्ट' का समर्थन करते हुए कही थीं, जिसमें वोटर वेरिफिकेशन को अनिवार्य करने और डाक से मतदान पर रोक लगाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
