डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान: लीक करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा
ट्रंप का कड़ा संदेश
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवेदनशील सैन्य जानकारियों के लीक होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक करते हैं, उन्हें गंभीर सजा मिलनी चाहिए। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले से संबंधित जानकारी मीडिया में लीक होने के कारण अभियान प्रभावित हुआ। यह बयान उन्होंने बुधवार को एरिजोना के बुलहेड सिटी में एक चुनावी रैली के दौरान दिया।
गोपनीय जानकारी के लीक का असर
ट्रंप ने कहा कि लीक होने के कारण अमेरिकी सैन्य अभियान की योजना को खतरा उत्पन्न हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध का जल्द अंत हो सकता है, जिससे ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आएगी। रैली में ट्रंप ने बताया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले से पहले अमेरिकी बमवर्षक विमानों की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया में प्रकाशित हुई थी, जिसमें बी-2 स्टेल्थ बमवर्षकों के मिशन और उनके उड़ान भरने का समय शामिल था।
ट्रंप की नाराजगी और कानूनी कार्रवाई
ट्रंप ने कहा कि यह जानकारी न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन में लीक हुई थी। उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी गोपनीय जानकारियों का लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हालांकि, उन्होंने लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की।
कनाडा को 51वां राज्य बनाने का प्रस्ताव
चुनावी रैली में ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का अपना पुराना प्रस्ताव भी दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा व्यापार नीतियों और टैरिफ के माध्यम से अमेरिका को नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि कनाडा की कुछ वाहन कंपनियां कारोबारी परिस्थितियों के कारण अपना काम अमेरिका में स्थानांतरित कर रही हैं।
चीन के साथ व्यापार पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे का समर्थन करते हुए कहा कि वाशिंगटन अब चीन के साथ व्यापार से काफी लाभ कमा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन अमेरिका का सम्मान करता है। रैली में दिए गए इन बयानों के माध्यम से ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार और विदेश नीति से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार स्पष्ट किए।
