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डोनाल्ड ट्रंप का हेलीकॉप्टर और यात्री विमान के बीच खतरनाक नजदीकी: सुरक्षा पर उठे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हेलीकॉप्टर मरीन वन एक यात्री विमान के बेहद करीब पहुंच गया, जिससे सुरक्षा नियमों पर सवाल उठने लगे हैं। यह घटना वॉशिंगटन के आसमान में हुई, जहां दोनों विमानों के बीच की दूरी निर्धारित मानकों से कम रह गई। FAA और NTSB इस मामले की जांच कर रहे हैं, खासकर 2025 में हुए एक गंभीर विमान हादसे के संदर्भ में। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सुरक्षा उपायों की स्थिति।
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वॉशिंगटन में हुई चिंताजनक घटना


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक हेलीकॉप्टर, मरीन वन, मंगलवार को वॉशिंगटन के आसमान में एक यात्री विमान के बेहद करीब पहुंच गया। यह घटना रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के आसपास घटित हुई, जिसके बाद हवाई यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


कैसे हुई दोनों विमानों की नजदीकी?

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप का हेलीकॉप्टर व्हाइट हाउस के निकट स्थित एलिप्स से ज्वाइंट बेस एंड्रयूज के लिए उड़ान भर रहा था। इसके लगभग एक मिनट बाद, एनवॉय एयर का एक यात्री विमान रीगन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर आगे बढ़ा।




कुछ समय बाद, मरीन वन भी एयरपोर्ट की दिशा में बढ़ा, जिससे दोनों विमानों के बीच की सुरक्षा दूरी काफी कम हो गई। अधिकारियों ने इसे 'लॉस ऑफ सेपरेशन' की घटना बताया, जिसका अर्थ है कि विमानों के बीच की आवश्यक दूरी का पालन नहीं किया गया।


सुरक्षा दूरी का महत्व

अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के नियमों के अनुसार, विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज दूरी और 500 फीट की ऊंचाई का अंतर बनाए रखना आवश्यक है।


हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों विमान एक-दूसरे की ओर सीधे नहीं बढ़ रहे थे, फिर भी उनके बीच की दूरी निर्धारित सुरक्षा मानकों से कम रह गई। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी विमान में सवार लोगों को खतरा नहीं हुआ और दोनों विमान सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचे।


रेडियो संचार में समस्या

सूत्रों के अनुसार, मरीन वन के पायलटों ने उड़ान से कुछ मिनट पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अपनी उड़ान की जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन रेडियो संचार में आई दिक्कत के कारण यह संदेश सही तरीके से नहीं पहुंच सका। इसके परिणामस्वरूप यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति मिल गई और दोनों विमानों के रास्ते कुछ समय के लिए एक-दूसरे के करीब आ गए।


2025 के विमान हादसे की याद

इस घटना की जांच FAA द्वारा की जा रही है और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) भी मामले की समीक्षा कर रहा है। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जनवरी 2025 में इसी एयरपोर्ट के पास एक सैन्य हेलीकॉप्टर और यात्री विमान की टक्कर हुई थी, जिसमें 67 लोगों की जान गई थी।