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डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को चेतावनी: ईरान के साथ समझौते पर होगी 'ज़बरदस्त बमबारी'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी है कि यदि वह ईरान के साथ होर्मुज़ जलडमरूमध्य के संबंध में कोई समझौता करता है, तो अमेरिका उस पर 'ज़बरदस्त बमबारी' करेगा। यह बयान तब आया है जब ईरान और ओमान एक नए शिपिंग सिस्टम पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने का भी दावा किया है। ईरान ने इस स्थिति को अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का परिणाम बताया है। क्या ओमान ट्रंप की धमकी के बाद अपने रुख में बदलाव करेगा? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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ट्रंप की कड़ी चेतावनी


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को स्पष्ट चेतावनी दी है। 17 अगस्त, सोमवार को उन्होंने कहा कि यदि ओमान होर्मुज़ जलडमरूमध्य के संबंध में ईरान के साथ कोई समझौता करता है, तो अमेरिका उस पर 'ज़बरदस्त बमबारी' करेगा। यह बयान तब आया है जब ईरान और ओमान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के लिए एक नया शिपिंग सिस्टम विकसित करने पर चर्चा कर रहे हैं।


ट्रंप का गुस्सा और ओमान का दखल

फॉक्स न्यूज़ के पत्रकार ट्रे यिंगस्ट के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा कि जून में हुआ 60 दिन का समझौता ज्ञापन समाप्त होने वाला है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में युद्ध को रोकने के लिए बातचीत शुरू करना था। जब ट्रंप से ओमान और ईरान की समानांतर बातचीत के बारे में पूछा गया, तो वह भड़क गए।


उन्होंने कहा, "अगर ओमान ने दखल दिया, तो हम उन पर ज़बरदस्त बमबारी करेंगे।" ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को अब "सफेद झंडा दिखाना चाहिए" और यह कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है।


ईरान पर आर्थिक दबाव

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान पर नया आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, भले ही ईरानी नेता सार्वजनिक रूप से सख्त दिखें, लेकिन वे अंदर से "बर्बाद हो रहे हैं।"


उन्होंने ईरानियों को "अच्छे पोकर खिलाड़ी" बताया और कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का इस मुद्दे से कोई संबंध नहीं है। पश्चिम एशिया में हथियारों के उपयोग पर ट्रंप ने कहा, "हमने अब तक जो इस्तेमाल किया है, वह बहुत मामूली है।"


ईरान-ओमान की बातचीत

वास्तव में, ईरान और ओमान पिछले कुछ हफ्तों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक प्रणाली विकसित कर रहे हैं। तकनीकी बातचीत के बाद, दोनों देशों ने एक संयुक्त शिपिंग रूट मैप को अंतिम रूप दिया है।


यह बातचीत उसी जून के MoU का हिस्सा है, जिसमें तेहरान और मस्कट को नया नेविगेशन ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसका उद्देश्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में से एक को सुरक्षित बनाना है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि देरी का कारण मामला जटिल होना और "बुरी नीयत वाले लोगों की विनाशकारी कोशिशें" हैं। बघाई ने कहा, "होर्मुज़ में असुरक्षा अमेरिका की गैर-कानूनी सैन्य कार्रवाई के कारण हम पर और पूरी दुनिया पर थोपी गई थी।"


उनके अनुसार, बातचीत का उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है जो दोनों तटीय देशों की संप्रभुता और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करे। अब देखना होगा कि ट्रंप की धमकी के बाद ओमान अपना रुख बदलता है या ईरान के साथ डील को आगे बढ़ाता है।