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डोनाल्ड ट्रंप की मोदी से सुबह 6 बजे बात करने की इच्छा: अमेरिका-भारत संबंधों में नई गहराई

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार सुबह 6 बजे पीएम मोदी से बात करने की इच्छा जताई थी। इस घटना ने दोनों नेताओं के बीच की गहरी दोस्ती को दर्शाया। ट्रंप ने भारत दौरे की यादों को खास बताया और भविष्य में फिर से भारत आने की इच्छा व्यक्त की। जानें, दोनों देशों के संबंधों में क्या नई संभावनाएं हैं।
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता


नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है। इस संदर्भ में, अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि ट्रंप एक बार सुबह 6 बजे पीएम मोदी से बात करना चाहते थे।


ट्रंप का मानना था कि मोदी जल्दी उठते हैं

ट्रंप बोले- 'मोदी मेरी तरह जल्दी उठते हैं'


यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के एक कार्यक्रम में, सर्जियो गोर ने बताया कि कुछ महीने पहले मियामी में एक यूएफसी (UFC) इवेंट के दौरान ट्रंप ने अचानक पीएम मोदी को फोन करने की इच्छा जताई।


राजदूत ने उन्हें याद दिलाया कि उस समय भारत में सुबह के लगभग 6 बज रहे होंगे। इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा कि पीएम मोदी उस समय जाग रहे होंगे। उन्होंने मजाक में कहा, "वह बिल्कुल मेरी तरह हैं, जल्दी उठने वाले।"


दोनों नेताओं के बीच बातचीत

अगले दिन हुई दोनों नेताओं की बातचीत


सर्जियो गोर ने बताया कि अंततः वह फोन कॉल अगले दिन की गई। इस घटना ने दोनों नेताओं के बीच सहज और भरोसेमंद रिश्ते की झलक पेश की। उनके अनुसार, जब दो नेताओं के बीच मजबूत दोस्ती होती है, तो औपचारिकताओं की आवश्यकता कम हो जाती है।


ट्रंप की भारत के प्रति विशेष सोच

भारत को लेकर ट्रंप की खास सोच


अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप आज भी अपने भारत दौरे की यादों को बेहद खास मानते हैं। उनके पहले कार्यकाल के दौरान 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' जैसे कार्यक्रमों ने दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती दी थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप भविष्य में फिर भारत आने के इच्छुक हैं।


व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर ध्यान

व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस


सर्जियो गोर के अनुसार, आने वाले दो वर्ष भारत और अमेरिका के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस दौरान लिए गए निर्णय भविष्य में दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे।