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डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका, यौन उत्पीड़न मामले में देना होगा 50 लाख डॉलर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और मानहानि के मामले में 50 लाख डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह मामला 1996 में शुरू हुआ था, जब लेखिका ई जिन कैरोल ने ट्रंप पर आरोप लगाया था। अदालत ने ट्रंप को दोषी ठहराते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और ट्रंप की प्रतिक्रिया के बारे में।
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अमेरिकी राष्ट्रपति की मुश्किलें बढ़ीं

कल्पना कीजिए कि जब किसी देश का प्रमुख नेता और राष्ट्रपति अदालत में खड़ा हो और उस पर गंभीर यौन शोषण के आरोप साबित हो जाएं, तो उस देश की राजनीति में क्या हलचल मचेगी। अमेरिका से आई एक ताजा खबर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति को बेहद कठिन बना दिया है। अमेरिकी अदालत ने ट्रंप को एक महत्वपूर्ण झटका देते हुए आदेश दिया है कि उन्हें एक महिला लेखक को भारी भरकम राशि चुकानी होगी। यह मामला वाशिंगटन और न्यूयॉर्क की अदालतों से संबंधित है।


अमेरिकी न्यायालय ने ट्रंप को यौन शोषण और मानहानि के मामले में प्रसिद्ध लेखिका ई जिन कैरोल को 50 लाख डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है।


अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ट्रंप ने न केवल लेखिका के साथ यौन उत्पीड़न किया, बल्कि उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान देकर उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचाया। अब हम आपको बताते हैं कि यह विवाद कैसे शुरू हुआ। यह मामला 1996 का है। 82 वर्षीय एज इन कैरोल, जो एक प्रसिद्ध पूर्व पत्रकार और कॉलम लेखक हैं, ने आरोप लगाया था कि 1996 में न्यूयॉर्क के एक भव्य डिपार्टमेंट स्टोर के ड्रेसिंग रूम में ट्रंप ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।


यह मामला लंबे समय तक दबा रहा, लेकिन 2019 में जब ई जेन कैरोल की एक किताब प्रकाशित हुई, जिसमें इस घटना का उल्लेख था, तो पूरे अमेरिका में हलचल मच गई। जैसे ही आरोप सामने आए, ट्रंप ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लेखिका को पागल और सनकी कहा और दावा किया कि यह कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत है। लेकिन असली मोड़ 2023 में आया, जब न्यूयॉर्क की एक फेडरल जूरी ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ट्रंप को दोषी ठहराया।


ज्यूरी ने यह तय किया कि ट्रंप को यौन उत्पीड़न और मानहानि के लिए हर्जाना देना होगा, जो कुल मिलाकर 50 लाख डॉलर बनता है। ट्रंप ने इस फैसले के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई करने से मना कर दिया। इससे निचली अदालत का फैसला पूरी तरह से अंतिम और कानूनी रूप से मान्य हो गया। इसके तुरंत बाद, बुधवार को फेडरल जज लुईस कपलान ने अंतिम आदेश जारी करते हुए ट्रंप को यह राशि अदालत में जमा करने का निर्देश दिया।