डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता की शुरुआत की घोषणा की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता की शुरुआत की घोषणा की है, जिससे सैन्य कार्रवाई को टालने का संकेत मिलता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय सहयोगियों की अपील पर यह निर्णय लिया गया है। ट्रंप ने कहा कि वे समझौता करना पसंद करेंगे और इससे कई जानें बचेंगी। यह बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होगी। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या संभावनाएँ बनती हैं।
| Aug 3, 2026, 12:50 IST
ट्रंप का सैन्य कार्रवाई टालने का निर्णय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले की योजना को स्थगित कर दिया है, जो हाल के दिनों में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति की दिशा में एक नई पहल का संकेत है। रविवार को न्यू जर्सी से वॉशिंगटन लौटते समय 'एयर फ़ोर्स वन' पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन क्षेत्रीय सहयोगियों की अपील पर इसे रोकने का निर्णय लिया गया, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि कूटनीतिक समाधान संभव है।
कूटनीति की उम्मीदें
ट्रंप ने कहा कि यह हमला बहुत बड़ा होने वाला था और यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य हमला होता। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और ईरान ने उनसे सैन्य कार्रवाई न करने की अपील की थी। ट्रंप ने कहा कि हम बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। यह प्रक्रिया कल दोपहर से शुरू होगी, और देखते हैं क्या परिणाम निकलता है। कूटनीति को लेकर ट्रंप ने कहा, "मैं ऐसा करना चाहूँगा। इससे कई जानें बचेंगी।"
समझौते की संभावनाएँ
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के पास समझौता करने के लिए कोई समय-सीमा है, तो उन्होंने कहा कि वे टकराव के बजाय बातचीत से समाधान निकालना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं समझौता करना चाहूँगा। मैं नहीं चाहता कि लोग मरें, क्योंकि बहुत से लोग मरते हैं, और हम ऐसा नहीं चाहते।" ट्रंप ने यह भी कहा कि सैन्य ऑपरेशन उनके लिए "विनाशकारी" हो सकता है और सऊदी अरब ने कूटनीति का समर्थन किया है क्योंकि उन्हें विश्वास है कि समझौता जल्द ही हो सकता है।
समझौते की प्रक्रिया
ये बातें शनिवार को 'ट्रुथ सोशल' पर किए गए एक पोस्ट के बाद सामने आईं, जिसमें ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना "पूरी तरह तैयार" थी, लेकिन ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों के साथ समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगने पर उन्होंने कार्रवाई को टालने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत और पूरी तरह से फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में मदद करेगा।
