ताइवान और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच ताइवान का सबमरीन परीक्षण
ताइवान और चीन के बीच तनाव में वृद्धि
ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रविवार सुबह 6 बजे तक, ताइवान के समुद्री क्षेत्र में चीन के 2 सैन्य विमान, 8 नौसैनिक जहाज और 4 सरकारी जहाज सक्रिय पाए गए हैं। ताइवान की सेना इस स्थिति पर ध्यान दे रही है और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।
शनिवार को चीन की सैन्य गतिविधियाँ
शनिवार को, ताइवान ने अपने सीमाओं के पास चीन के 5 फाइटर जेट्स, 9 नौसैनिक जहाज और 5 सरकारी जहाजों का पता लगाया था। खास बात यह है कि इनमें से एक चीनी फाइटर जेट ने दोनों देशों के बीच की मीडियन लाइन को पार कर लिया था और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी एयर डिफेंस पहचान क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। इस घटना के बाद, ताइवान की सशस्त्र बलों ने तुरंत कार्रवाई की।
ताइवान का मेगा सबमरीन परीक्षण
चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और धमकियों के बीच, ताइवान ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है। ताइवान की पहली घरेलू निर्मित पनडुब्बी ने अपने नए समुद्री परीक्षण के लिए काऊशुंग पोर्ट से प्रस्थान किया है। इस परीक्षण में गहरे पानी में गोता लगाने का परीक्षण भी शामिल है। यह पनडुब्बी का 15वां समुद्री परीक्षण है और पानी के नीचे चलने वाला 9वां परीक्षण है, जो दर्शाता है कि ताइवान अपनी रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
चीन और ताइवान के विवाद की जड़ें
चीन और ताइवान के बीच का विवाद ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से जटिल है। बीजिंग का दावा है कि ताइवान उसका एक अभिन्न हिस्सा है, और इस बात को उसने अपनी राष्ट्रीय नीति और अंतरराष्ट्रीय बयानों में शामिल किया है। यह दावा 1683 के किंग राजवंश के समय से जुड़ा है, जब चीन ने इस द्वीप पर कब्जा किया था। दूसरी ओर, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है, जिसकी अपनी सरकार, सेना और मजबूत अर्थव्यवस्था है। ताइवान का यह स्थिति वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बना हुआ है।
