तारिक रहमान का शेख हसीना पर तीखा हमला: जन्माष्टमी पर कंस की याद दिलाई
तारिक रहमान का जन्माष्टमी पर बयान
नई दिल्ली: बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने जन्माष्टमी के अवसर पर शेख हसीना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने हसीना की तुलना मथुरा के दुष्ट राजा कंस से की, यह कहते हुए कि कंस जैसे शासक ने बांग्लादेश के नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा। रहमान ने कहा कि अंततः जनता ने एकजुट होकर कंस जैसे तानाशाही शासन को समाप्त किया। इस अवसर पर ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम में, उन्होंने हिंदू पुजारियों से मुलाकात की और समुदाय के सदस्यों को सम्मान राशि भी प्रदान की।
जन्माष्टमी समारोह में पैदल पहुंचे पीएम
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, धार्मिक मामलों के मंत्रालय और हिंदू धार्मिक कल्याण ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस समारोह में पीएम तारिक रहमान को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने गुरुवार को उस्मानिया मेमोरियल ऑडिटोरियम तक पैदल यात्रा की।
कार्यक्रम के बाद, उन्होंने विश्वभर के हिंदुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। रहमान ने कहा, "मैं बांग्लादेश और दुनिया भर के सभी हिंदुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"
शेख हसीना पर बिना नाम लिए हमला
तारिक रहमान ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा का उल्लेख करते हुए शेख हसीना पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण का जन्म लगभग 5000 साल पहले मथुरा में हुआ था, जहां कंस का अत्याचार था। हिंदू धर्म में मान्यता है कि श्री कृष्ण ने कंस को हराकर बुराई का अंत किया और धर्म की स्थापना की।
उन्होंने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि कंस जैसे शासक ने 15 वर्षों तक देश पर शासन किया और लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा। अंततः विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोग एकजुट हुए और कंस जैसे तानाशाही शासन को समाप्त करने के लिए बलिदान दिया।
बांग्लादेश अब लोकतंत्र की ओर - तारिक रहमान
तारिक रहमान ने कहा, "बांग्लादेश अब फिर से लोकतंत्र की दिशा में बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष प्रशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ, अब देश के पुनर्निर्माण का समय आ गया है।"
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को तख्तापलट के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं। उनकी सत्ता जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने सत्ता संभाली और उनकी पार्टी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया। भारत में शेख हसीना के बयानों ने दोनों देशों के रिश्तों पर भी असर डाला।
इसके बाद हुए आम चुनावों में, तारिक रहमान की बीएनपी ने बहुमत प्राप्त किया। एक दशक से अधिक समय तक निर्वासन में रहने के बाद, तारिक की सत्ता में वापसी हुई है। तब से बांग्लादेश लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
