तुर्की और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव: क्या नया दुश्मन खोज रहा है इजरायल?
तुर्की का नया रुख
पूर्व इजरायली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने चेतावनी दी है कि तुर्की अब ईरान के समान खतरा बनता जा रहा है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि वह नए दुश्मनों की तलाश में है। दोनों देशों के बीच तनाव में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो उनके नेताओं के बयानों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इजरायल ने ईरान को कमजोर करने के बाद अब तुर्की पर ध्यान केंद्रित किया है।
फिदान का बयान
हाल ही में, हाकान फिदान ने कहा, 'हम अपने रुख से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं रखते। इजरायल केवल तुर्की के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक समस्या बन चुका है। इजरायली अधिकारी मानवता पर एक ऐसा बोझ बन गए हैं, जिसे अब और सहन नहीं किया जा सकता।'
तुर्की का संयम भंग
फिदान का यह बयान चौंकाने वाला है, क्योंकि तुर्की ने इजरायल के प्रति संयमित रुख अपनाया था। पहले केवल राष्ट्रपति एर्दोगन ही इजरायल पर हमले करते थे, लेकिन अब विदेश मंत्री का यह बयान दर्शाता है कि तुर्की हर मोर्चे पर ईरान की घेरेबंदी करने के लिए तैयार है।
क्या इजरायल नया दुश्मन खोज रहा है?
फिदान ने कहा कि विश्वभर में इजरायल के खिलाफ भावना बढ़ रही है, क्योंकि वे खुलेआम नरसंहार कर रहे हैं। पहले वे इसे छिपाने में सफल थे, लेकिन अब उनकी छवि को बदलने के लिए इजरायल एक नए दुश्मन की तलाश कर रहा है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा'आर ने फिदान के बयान को घृणित बताया और कहा कि वे नरसंहार के लिए उकसा रहे हैं।
अर्मेनियाई नरसंहार पर इजरायल की मान्यता
इजरायल ने हाल ही में अर्मेनियाई नरसंहार को मान्यता दी है, जिससे तुर्की में आक्रोश फैल गया है। एर्दोगन ने कहा, 'हम उस हत्यारे गिरोह के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिनके हाथ 75,000 निर्दोष गाजावासियों के खून से सने हुए हैं।'
सीरिया और लेबनान में इजरायल की गतिविधियाँ
सीरिया में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद, इजरायल ने कई रणनीतिक स्थानों पर नियंत्रण मजबूत किया है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्की की सुरक्षा सीरिया और लेबनान से शुरू होती है। उन्हें चिंता है कि इजरायल की स्थिति मजबूत होने से तुर्की की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
बयानबाजी में युद्ध के संकेत
ईरान के कमजोर होने के बाद, एर्दोगन खुद को मुस्लिम जगत का सबसे बड़ा नेता मानते हैं। उन्होंने इजरायल को अपने लक्ष्य के केंद्र में रखा है और नेतन्याहू को हत्यारा कहा है। तुर्की के गृह मंत्री ने भी इजरायल को तबाह करने का ख्वाब देखा है।
तुर्की की रणनीति से इजरायल को खतरा
तुर्की खुलकर हमास का समर्थन करता है और गाजा युद्ध के बाद इजरायल के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते तोड़ दिए हैं। तुर्की की सेना लीबिया में मौजूद है और वह सीरिया में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। इसके अलावा, तुर्की का ध्यान लाल सागर पर भी है, जिससे इजरायल को खतरा महसूस हो रहा है।
