तेहरान में अयातुल्ला खामेनेई को अंतिम विदाई: लाखों लोगों की उपस्थिति में भावुक समारोह
तेहरान में लाखों की भीड़ ने दी विदाई
तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में लाखों लोग एकत्रित हुए। इस शोक समारोह में देश के प्रमुख नेता और विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। ईरानी मीडिया के अनुसार, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, तेहरान में अंतिम विदाई कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेघ मोतामादियन ने कहा कि पूरे समारोह के दौरान उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित समय के अनुसार ही कार्यक्रम स्थल पहुंचें। अधिकारियों ने बताया कि प्रार्थना स्थल के द्वार सुबह 6 बजे खोले गए और उससे पहले किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
इराक में भी विशेष व्यवस्थाएं
अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों को देखते हुए इराक की राजधानी बगदाद में भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। स्थानीय प्रशासन ने अंतिम यात्रा के दौरान शहर में कई गतिविधियों पर नियंत्रण रखने का निर्णय लिया ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
भारत की श्रद्धांजलि
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने अंतिम संस्कार समारोह में भाग लिया। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। दूतावास द्वारा साझा की गई तस्वीरों में कई भारतीय राजनीतिक हस्तियां भी नजर आईं।
दुनिया भर से नेताओं की उपस्थिति
प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी एजेई और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, तुर्कमेनिस्तान के वरिष्ठ नेता, कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी समेत कई देशों के प्रमुख शामिल हुए। इसके अलावा रूस, सऊदी अरब, तुर्की, बांग्लादेश, इराक, अजरबैजान, बेलारूस, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और अन्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
लगभग 100 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बताया कि समारोह में दुनिया के लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि, सार्वजनिक हस्तियां और विभिन्न संगठनों के अधिकारी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम आठ देशों के राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री तथा 12 देशों के संसद अध्यक्ष इस कार्यक्रम में मौजूद हैं। कई अन्य देशों ने विदेश मंत्री, विशेष दूत या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिनिधि के रूप में भेजा है। हालांकि, ईरान ने उन यूरोपीय देशों को आमंत्रित नहीं किया जिन्होंने हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के पक्ष का खुला समर्थन किया था।
अंतिम संस्कार की रस्में कई दिनों तक चलेंगी
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह देश के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक शोक समारोहों में से एक हो सकता है। अनुमान लगाया गया है कि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 1.5 से 2 करोड़ लोगों की भागीदारी हो सकती है। अंतिम संस्कार की रस्में कई दिनों तक जारी रहेंगी। पहले तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में लोगों को अंतिम दर्शन का अवसर दिया जाएगा।
इसके बाद राजधानी में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। आगे के कार्यक्रम क़ोम, बगदाद, कर्बला और नजफ़ में आयोजित होंगे, जबकि अंतिम दफन 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि परिस्थितियों के अनुसार कार्यक्रम में समय-समय पर आवश्यक बदलाव भी किए जा सकते हैं, लेकिन सभी धार्मिक और राजकीय रस्में तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी कराने की तैयारी की गई है।
