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तेहरान में महिलाओं की बिना हिजाब रोड रेस ने मचाई हलचल

तेहरान से एक वायरल वीडियो में महिलाएं बिना हिजाब के रोड रेस में भाग लेती नजर आ रही हैं, जो ईरान में हिजाब कानून के खिलाफ एक नई बगावत का संकेत हो सकता है। यह रेस उस दिन हुई जब सरकार की एक बड़ी रैली भी आयोजित की गई थी। वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है और कई महिलाएं इसे देखकर खुश हैं। जानिए इस घटना के पीछे की कहानी और ईरान में हिजाब पहनने के नियमों की स्थिति।
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तेहरान में महिलाओं की अनोखी रेस

तेहरान, ईरान से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें महिलाएं बिना हिजाब के रोड रेस में भाग लेती नजर आ रही हैं। यह घटना उस समय हुई जब ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। इस रेस में भाग लेने वाली महिलाओं ने एक विशेष प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जो केवल महिलाओं के लिए आयोजित की गई थी। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है और कई महिलाएं इसे देखकर खुश हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह वीडियो सरकारी अकाउंट से साझा किया गया था।


दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन

तेहरान में शुक्रवार को वेलायत पार्क में एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस रेस में महिलाओं को 10 किलोमीटर दौड़ना था, और यह प्रतियोगिता पुरुषों के लिए भी आयोजित की गई थी, लेकिन दोनों के लिए रेस अलग-अलग कराई गई। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब के बिना महिलाओं का दिखना कानून के खिलाफ माना जाता है।


क्या ईरानी सरकार के खिलाफ बगावत हो रही है?

यह वायरल वीडियो ईरान सरकार से जुड़े एक अकाउंट द्वारा साझा किया गया था। यह ध्यान देने योग्य है कि यह रेस उसी दिन हुई थी जब तेहरान में 'जनफदायान-ए-ईरान' नामक एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी, जिसमें गार्ड्स और देश की रक्षा का संकल्प लेने वाले स्वयंसेवक शामिल हुए थे। हालांकि, इन दोनों कार्यक्रमों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं था। जानकारी के अनुसार, बिना हिजाब के दौड़ने वाली महिलाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


बिना हिजाब का चलन

ईरान में सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब पहनने का नियम अभी भी लागू है। 2022 में महिलाओं ने अपनी स्वतंत्रता के लिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से महिलाएं बिना हिजाब के सार्वजनिक स्थलों पर नजर आने लगी हैं। हालांकि, कानून में कोई बदलाव नहीं आया है। अब हिजाब पहनने के नियम को विभिन्न तरीकों से लागू किया जा रहा है, और सरकारी दफ्तरों में प्रवेश के लिए महिलाओं को अभी भी सिर पर स्कार्फ पहनना अनिवार्य है।