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दिल्ली में प्रोटेस्ट का दौर जारी, यूरोप में भी प्रदर्शन की स्थिति

दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के बीच, कांग्रेस और अन्य दलों के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। वहीं, यूरोप में भी प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां पुलिस की कार्रवाई दिल्ली से काफी अलग है। फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे प्रदर्शनों में पुलिस ने आक्रामकता दिखाई है। एक मिडिल स्कूल में गोलीबारी की घटना ने भी ध्यान आकर्षित किया है। जानें इन घटनाओं के पीछे की कहानी और पुलिस की प्रतिक्रिया के बारे में।
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दिल्ली में प्रोटेस्ट की स्थिति

दिल्ली, देश की राजधानी, में प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक थोड़े शांत हुए, वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता अब सक्रिय हो गए हैं। बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया गया। पिछले तीन दिनों में दिल्ली के प्रदर्शन पर नजर डालें तो दिल्ली पुलिस ने न तो लाठीचार्ज किया और न ही आंसू गैस का इस्तेमाल किया। स्थिति को बेहद पेशेवर तरीके से संभाला गया।


वहीं, पश्चिमी यूरोप के देशों में, जो दिल्ली से 6,565 किलोमीटर दूर हैं, वहां भी प्रदर्शन हो रहे हैं। फ्रांस और जर्मनी में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जर्मनी से आई तस्वीरों में फ़िलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वहां की पुलिस का रवैया दिल्ली पुलिस से बिल्कुल अलग है। जर्मन पुलिस ने उपद्रवियों पर कोई दया नहीं दिखाई।


फ्रांस में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

फ्रांस में, शिक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले एक महीने से जजों का प्रदर्शन जारी है, जिसे सख्ती से दबाया जा रहा है। पेरिस में प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए 'BRAV-M' नाम की मोटरसाइकिल-सवार पुलिस यूनिट सक्रिय है, जो अपनी आक्रामकता के लिए जानी जाती है। वहां पर लाठियों, आंसू गैस और रबर बुलेट्स का खुला इस्तेमाल होता है।


12 अक्टूबर को दक्षिणी फ्रांस के एक मिडिल स्कूल में 14 वर्षीय छात्र ने गोलीबारी की, जिसमें प्रिंसिपल और एक शिक्षक घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब देश कई हफ्तों से छात्रों के हिंसक दंगों और स्कूल स्टाफ पर हमलों का सामना कर रहा था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, छात्र ने शिकार वाली शॉटगन लेकर स्कूल में प्रवेश किया और गोलीबारी शुरू कर दी।


घटना की जानकारी और पुलिस की कार्रवाई

हालांकि, किसी भी पीड़ित को गंभीर चोट नहीं आई और न ही किसी बच्चे को नुकसान पहुंचा। घटना के समय, स्कूल के एक स्टाफ सदस्य ने छात्र से हथियार छीन लिया और उसे काबू में कर लिया। संदिग्ध को तुरंत हिरासत में लिया गया और अधिकारियों ने एक क्राइसिस सेंटर स्थापित किया। ऑबग्ने के मेयर ने संदिग्ध को शांत स्वभाव का बताया और कहा कि उसके पिता ने हाल ही में शिक्षकों से मिलने का अनुरोध किया था। पुलिस ने कहा कि इस गोलीबारी का देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है।