Newzfatafatlogo

दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट: AQI 500 के पार

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर संकट का रूप ले लिया है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच गया है। मुंडका में AQI 722 तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की स्थिति और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के बावजूद, स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधान रहने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
 | 

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति

नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। राजधानी के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रियल टाइम डेटा के अनुसार, दिल्ली का AQI 500 तक पहुंच गया है, जबकि कुछ अन्य ट्रैकर्स पर शहर का औसत AQI 412 के आसपास है। अधिकांश मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता को बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। सुबह के समय घनी धुंध और स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन का सामना करना पड़ रहा है।


प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हवा में मौजूद महीन जहरीले कणों का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, पीएम 2.5 का स्तर 418 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का स्तर 543 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कार्बन मोनोऑक्साइड 1514 पीपीबी, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड 22 पीपीबी, सल्फर डाइऑक्साइड 5 पीपीबी और ओजोन 2 पीपीबी के स्तर पर है।


दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अत्यंत चिंताजनक बना हुआ है। मुंडका में AQI 722 तक पहुंच गया है, जबकि अलीपुर में यह 619 दर्ज किया गया है। पंजाबी बाग में 490, झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया में 479, रोहिणी में 433, सोनिया विहार में 425, मंदिर मार्ग में 418 और बवाना में 361 AQI दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से राजधानी में प्रदूषण की भयावह स्थिति का पता चलता है।


मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषण को बढ़ाने में सहायक साबित हो रही हैं। दिल्ली में तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस है। आसमान साफ होने के बावजूद हवा में नमी लगभग 26 प्रतिशत है और हवा की गति केवल 5.4 किलोमीटर प्रति घंटा है। धीमी हवा के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे जहरीली धुंध से राहत नहीं मिल पा रही है।


प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का दूसरा चरण लागू किया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन उपायों के बावजूद वायु गुणवत्ता में कोई विशेष सुधार नहीं दिख रहा है।


लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से खुले में दौड़ने, व्यायाम करने और भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने को कहा गया है। घरों की खिड़कियां बंद रखने और संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है। ऐसे लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।