दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में पायलट की बहादुरी ने बचाई यात्रियों की जान
दुर्घटना से बची फ्लाइट
एक फ्लाइट, जो दुबई से इजरायल के लिए उड़ान भर रही थी, बुधवार को एक गंभीर हादसे से बच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विमान के पायलट ने इसे गिराने की कोशिश की थी। लेकिन को-पायलट स्मित माछर ने इस प्रयास को विफल कर दिया। चाकू से घायल होने के बावजूद, स्मित ने साहस दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस अद्वितीय साहस के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें असली नायक बताया है। भारतीय दूतावास भी स्मित की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहा है।
को-पायलट की भूमिका
इजरायली मीडिया के अनुसार, फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के भारतीय कैप्टन स्मित माछर ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया जब उन्होंने अपने को-पायलट से संघर्ष किया, जो विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के कारण विमान को सऊदी अरब में आपात लैंडिंग करनी पड़ी। कुछ घंटों बाद, यात्रियों को फ्लाईदुबई के दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया।
दोनों पायलट घायल
न्यूज वेबसाइट वाईनेट के अनुसार, को-पायलट ओमान का नागरिक है और उस पर विमान को गिराने का संदेह है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कैप्टन स्मित ने अपने को-पायलट से भिड़कर विमान को सुरक्षित रखा और इजरायली यात्रियों ने भी उस पायलट को काबू करने में मदद की।
नेतन्याहू का बयान
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर को उनकी बहादुरी के लिए सलाम करता हूं। चाकू से घायल होने के बावजूद, उन्होंने यात्रियों और क्रू की मदद की और एक बड़ा हादसा टाल दिया।'
ट्रंप का समर्थन
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस घटना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि को-पायलट एक आतंकवादी था जिसने दूसरे पायलट पर हमला किया। पायलट गंभीर रूप से घायल था, लेकिन उसने दरवाजा खोला और यात्रियों की मदद की।'
घटना का विवरण
वास्तव में, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ-1073 ने सऊदी अरब के तबुक की ओर मुड़ने से पहले इमरजेंसी सिग्नल भेजा। यात्रियों के बयान के अनुसार, एक यात्री ने हमलावर को काबू करने में मदद की। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि यह घटना एक जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश थी, जिसे यात्रियों की बहादुरी से नाकाम कर दिया गया।
