नाइजर में आतंकवादी हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, 11 सैनिक शहीद
नाइजर की राजधानी में बड़ा हमला
नई दिल्ली: नाइजर के नियामी में डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार सुबह सशस्त्र आतंकवादियों ने एक गंभीर हमला किया। इस हमले में नाइजर सेना के 11 जवान शहीद हो गए, जबकि दो स्थानीय नागरिकों की भी जान चली गई। सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया में 22 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, और सेना ने हवाई अड्डे की सुरक्षा को संभालते हुए लगभग 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
हमलावरों की रणनीति
नाइजर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6:00 बजे हुआ। हमलावर एक टैक्सी में सवार होकर आए और एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा चौकी के निकट पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरा क्षेत्र गोलीबारी की आवाज से गूंज उठा। यह मुठभेड़ कई घंटों तक चलती रही।
स्थिति पर नियंत्रण
हमले की गंभीरता को देखते हुए नाइजर की सेना ने इलाके में व्यापक तलाशी और सैन्य अभियान चलाया। कई घंटों की मेहनत के बाद, दोपहर तक स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लाया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट को सुरक्षित घोषित कर दिया गया है और विमानों का संचालन सामान्य रूप से शुरू हो चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नाइजर का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो न केवल एक नागरिक हवाई अड्डा है, बल्कि देश का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना भी है। यहां जी5 साहेल काउंटर-टेररिज्म फोर्स और रूसी सैनिक तैनात हैं। नाइजर का यूरेनियम स्टॉक भी इसी एयरपोर्ट पर रखा जाता है।
सुरक्षा में खामियां
इस एयरपोर्ट पर पहले भी कई बड़े हमले हो चुके हैं। जनवरी 2026 में, 'इस्लामिक स्टेट' से जुड़े एक आतंकी समूह ने इस एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया था। इसके बाद, एक और बड़ा हमला हुआ, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने हाल ही में घुसपैठ के खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट के आसपास की अवैध बस्तियों को हटाया था और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई बाउंड्री वॉल बनाई थी। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन फिर भी आतंकवादियों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ने में सफलता प्राप्त की। यह हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।
