नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा: क्या है खास?
प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा की पुष्टि
नई दिल्ली: नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर के अंत में भारत का दौरा करेंगे। यह जानकारी उन्होंने भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में साझा की। राय ने बताया कि दोनों देशों के बीच बालेन शाह की यात्रा की तैयारियों पर लगातार बातचीत हो रही है। यह बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनने के बाद पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहले, वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क गए थे।
भारत की मदद की सराहना
बाढ़ के बाद भारत की मदद की तारीफ
नेपाली विदेश सचिव ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई सहायता की सराहना की, जिससे दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों और आपसी सहयोग की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों के लिए दोनों टीमें लगातार संपर्क में हैं और उनके बीच समन्वय बना हुआ है।
बैठक में इस महीने के अंत में होने वाली उच्च-स्तरीय यात्रा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह यात्रा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली यात्रा पिछले साल अगस्त में हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने अपने विचारों का आदान-प्रदान किया था।
बालेन शाह का परिचय
कौन हैं बालेन शाह?
बालेन शाह काठमांडू के पूर्व मेयर रह चुके हैं। उन्होंने जेन-जी आंदोलन के बाद हुए चुनावों में जीत हासिल की और प्रधानमंत्री बने। उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ। उन्होंने नेपाल के हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में बेंगलुरु के निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।
राजनीति में आने से पहले, बालेन शाह एक प्रसिद्ध रैपर और हिप-हॉप कलाकार थे। उन्होंने 2013 में Raw Barz नामक बैंड की स्थापना की। मई 2022 में, उन्होंने काठमांडू मेयर का चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ा और नेपाली कांग्रेस तथा कम्युनिस्ट पार्टियों के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की।
भारत का सहयोग
मिसरी ने दिया हर मदद का भरोसा
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल के बुनियादी ढांचे को पुनर्निर्माण में भारत की पूरी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के विशेष अनुरोधों और परियोजनाओं पर विचार करने के लिए तैयार है। मिसरी ने भारत-नेपाल संबंधों की सराहना की और कहा कि दोनों देश हर परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं।
