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नेपाल ने भारतीय सेना प्रमुख को दिया मानद जनरल का सम्मान, बढ़ेगा द्विपक्षीय सहयोग

नेपाल ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ को मानद जनरल की उपाधि देकर भारत-नेपाल के बीच की पुरानी साझेदारी को और मजबूत किया है। यह यात्रा, जो काठमांडू में आयोजित हुई, दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रक्षा संबंधों को गहरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जनरल सेठ ने इस दौरान नेपाली सेना के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया और कई महत्वपूर्ण चर्चाएँ कीं। उनकी यात्रा का अंतिम चरण पोखरा में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद होगा, जहां वे वीर सैनिकों को सम्मानित करेंगे।
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नई दिल्ली में ऐतिहासिक सम्मान


नई दिल्ली: भारत और नेपाल के बीच की पुरानी रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए, नेपाल ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ को एक विशेष सम्मान प्रदान किया है। काठमांडू के राष्ट्रपति भवन 'शीतल निवास' में आयोजित एक भव्य समारोह में, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को नेपाली सेना का 'मानद जनरल' की उपाधि दी। यह यात्रा, जो जनरल सेठ ने नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर की, दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और ऐतिहासिक रक्षा संबंधों को और गहरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।


1950 से चली आ रही सैन्य परंपरा

यह परंपरा, जिसमें एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि दी जाती है, 1950 से शुरू हुई थी और आज भी जारी है। यह व्यवस्था भारत और नेपाल के बीच सम्मान का प्रतीक है, जिसमें दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य प्रमुखों को यह सर्वोच्च पद प्रदान करते हैं।


महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें



जनरल सेठ ने अपनी यात्रा के दौरान नेपाली सेना के मुख्यालय में जनरल अशोक राज सिग्देल के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया।


शीतल निवास में सम्मान समारोह

इस प्रतिष्ठित समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव सहित कई शीर्ष कूटनीतिक और सैन्य नेता उपस्थित थे। इस अवसर पर नेपाली सेना और नेपाल सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।


द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की पुष्टि

भारतीय दूतावास ने इस यात्रा को साझा मूल्यों और आपसी विश्वास पर आधारित रक्षा साझेदारी की पुष्टि बताया। जनरल सेठ ने काठमांडू में भारतीय दूतावास में राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर विचार साझा किए। इसके अलावा, उन्होंने नेपाली सेना मुख्यालय में पौधा रोपित किया और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। भारतीय सेना प्रमुख ने नेपाली सेना को आवश्यक सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए।


पूर्व सैनिकों के साथ संवाद

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में, जनरल धीरज सेठ पोखरा का दौरा करेंगे, जहां वे पूर्व सैनिकों की रैली में भाग लेंगे। इस दौरान, वे भारतीय सेना के वीर सैनिकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगे। भारत और नेपाल के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों से भी जुड़े हैं, जैसे जनकपुर-अयोध्या और लुंबिनी-बोधगया। यह अनूठा संबंध क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाता है।