नेपाल बाढ़: 1222 शव बरामद, 4875 लोग अभी भी लापता
नेपाल बाढ़ का ताजा हाल
नेपाल बाढ़ का ताजा हाल: 26 अगस्त को आई भयंकर बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, मलबे से अब तक 1222 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 4875 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल मलबे, नदी किनारे और हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में खोजबीन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में शवों की पहचान अभी बाकी है, जिसके लिए DNA मिलान की प्रक्रिया चल रही है। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं।
बाढ़ ने नेपाल में तबाही मचाई
यह आपदा 26 अगस्त की सुबह नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक आई बाढ़ के कारण हुई। गृह मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग और गोरखा के क्षेत्रों को भी बुरी तरह प्रभावित किया। बाढ़ का पानी मलबा और चट्टानें लेकर आया, जिससे गांव, सड़कें और पुल बह गए। कई इमारतें पानी में समा गईं और हजारों लोग मलबे में दब गए। नेपाल की सेना प्रभावित क्षेत्रों में खोजबीन कर रही है।
4875 लोग अभी भी लापता
सबसे बड़ी चिंता उन 4875 लोगों की है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। इनमें स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक और हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिक भी शामिल हैं। पहले के सरकारी अपडेट में भी हजारों लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई थी। नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से सबसे अधिक शव बरामद हुए हैं।
शवों की पहचान करना चुनौती
इस त्रासदी में मृतकों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। नेपाल पुलिस ने अज्ञात शवों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराया है ताकि लापता लोगों के परिजन उनकी पहचान कर सकें। DNA जांच के लिए रक्त के नमूने भी मांगे गए हैं।
सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश
बचाव अभियान का सबसे कठिन हिस्सा हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे श्रमिकों की तलाश है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 900 लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर ऑक्सीजन भी पहुंचाई जा रही है।
हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
भयानक नुकसान के बावजूद, नेपाल पुलिस ने अब तक 6541 लोगों को सुरक्षित निकाला है। लगभग 7912 पुलिसकर्मियों को खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगाया गया है। बाढ़ के बाद की बारिश ने राहत कार्यों को और कठिन बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय सहायता मिल रही है
आपदा के बाद नेपाल को भारत और चीन से तकनीकी और मानवीय सहायता मिल रही है। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही है।
