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नेपाल में अचानक बाढ़ से स्थिति गंभीर, मृतकों की संख्या 1,127 तक पहुंची

नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। एक सप्ताह बाद मृतकों की संख्या 1,127 तक पहुंच गई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव दल दिन-रात काम कर रहे हैं। पुलिस ने प्रभावित क्षेत्रों में 7,912 कर्मियों को तैनात किया है। बाढ़ का कारण 26 अगस्त को हिमस्खलन बताया जा रहा है, जिसने कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। जानें इस संकट की पूरी कहानी।
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नेपाल में बाढ़ का संकट

नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। बुधवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है, और राहत एवं बचाव दल हजारों लापता लोगों की खोज में जुटे हैं।


नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहूं से 38 शव भी मिले हैं।


लापता लोगों की खोज जारी

पुलिस ने बताया कि 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता लोगों की पहचान में सहायता के लिए 911 अज्ञात शवों का विवरण नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।


अब तक सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों से 6,541 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 4,858 लोग अभी भी लापता हैं।


बचाव कार्य में पुलिस की भूमिका

अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। ये पुलिसकर्मी खोज एवं बचाव अभियान, राहत सामग्री के वितरण और बरामद शवों के प्रबंधन में लगे हुए हैं।


पुलिस की टीम उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, मलबे के कारण बंद सड़कों को साफ करने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत अभियानों का समन्वय कर रही है।


आपदा का कारण

यह बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट बर्फ और चट्टानों के ढहने के कारण आई थी। इस जलप्रलय ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई।