नेपाल में जेन-जी आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन की नई लहर
नेपाल में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत
नेपाल में जेन-जी आंदोलन के प्रभाव से सरकार में बदलाव के बाद अब विरोध प्रदर्शनों की एक नई लहर देखने को मिल रही है। रविवार को झुग्गी में रहने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या ने प्रदर्शन किया। इनका मुख्य मांग है कि सरकार पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे और उसके बाद बेदखली की प्रक्रिया शुरू करे। पिछले साल जेन-जी आंदोलन के जरिए सत्ता में आए बालेन शाह के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
मैतीघर मंडला में प्रदर्शन
रविवार को संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा की अपील पर काठमांडू के सिंहदरबार सचिवालय के सामने मैतीघर मंडला में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों को पकड़ा हुआ था, जिन पर लिखा था, 'गरीबों पर अत्याचार बंद करो', 'मानवाधिकारों का सम्मान करो', 'अवैध गिरफ्तारियां बंद करो' और 'भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो।'
बाढ़ से प्रभावित लोग
काठमांडू के कीर्तिपुर में एक सरकारी अस्थायी आवास केंद्र में बाढ़ का पानी भर गया, जिससे वहां रहने वाले 150 गरीब लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जब 'जेन जेड' के युवा कार्यकर्ता इस घटना की जानकारी लेने पहुंचे, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और कुछ को गिरफ्तार कर लिया। एक कार्यकर्ता को चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
नेपाल सरकार के खिलाफ विरोध के कारण
यह ध्यान देने योग्य है कि अप्रैल में नेपाल सरकार ने काठमांडू घाटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भूमिहीन लोगों की झुग्गियों को बेदखल कर दिया था। इस कार्रवाई से लगभग 15,000 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 325 परिवार अस्थायी आवास केंद्रों में रहने लगे थे। बाद में, 2 जुलाई को सरकार ने एक आदेश जारी किया, जिसमें भूमिहीन झुग्गीवासियों को 6 जुलाई तक अस्थायी आवास केंद्र खाली करने का निर्देश दिया गया था। गुरुवार तक 60 से अधिक परिवारों ने आवास को खाली नहीं किया था, जिसके खिलाफ लोग विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है।
26 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
कोशी प्रांत के मोरांग जिले में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। यहां पुलिस कार्यालय के सामने 'जेन जेड' के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। रविवार को पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने सभी कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है।
गणेश के आत्मदाह से बढ़ा गुस्सा
काठमांडू में एक राइड सेवा से जुड़े युवक गणेश के आत्मदाह ने भी नेपाल में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। 25 वर्षीय गणेश ने पासपोर्ट विभाग के बाहर खुद को आग लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि उसने अपने परिवार की जमीन गिरवी रखकर बाइक खरीदी थी, लेकिन काठमांडू महानगरपालिका ने पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर उसकी बाइक जब्त कर ली। इसी कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया।
