नेपाल में बाढ़ से फंसे संजय साह का चमत्कारिक बचाव: हरे कृष्ण महामंत्र से मिली शक्ति
चमत्कारिक बचाव की कहानी
नई दिल्ली: नेपाल में आई भयंकर बाढ़ के बाद एक व्यक्ति के अद्भुत बचाव की कहानी सामने आई है। 30 वर्षीय संजय साह को जन्माष्टमी के दिन नौ दिनों तक अंधेरी टनल में फंसे रहने के बाद सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने निरंतर हरे कृष्ण महामंत्र का जाप किया।
हरे कृष्ण महामंत्र से मिली हिम्मत
शुक्रवार को जब साह को बचाया गया, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह पिछले नौ दिनों से हरे कृष्ण महामंत्र का जाप कर रहे थे। साह नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी में कार्यरत हैं और उनका मूल निवास मधेस प्रांत के सप्तरी जिले में है।
जब बाढ़ आई, तो अन्य लोग टनल से बाहर भाग गए, लेकिन साह कंट्रोल रूम में बने रहे। प्रारंभिक चिकित्सा के बाद उन्हें त्रिशूली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर है और कोई गंभीर समस्या नहीं है।
जिम्मेदारी का एहसास
साह ने कहा, "मैं कंट्रोल रूम में काम कर रहा था और मेरी जिम्मेदारी थी कि सबकी जान बचाई जाए।" उन्होंने अन्य श्रमिकों को बाहर निकलने के लिए कहा, लेकिन जब तक सभी बाहर निकले, तब तक उनके लिए भागना बहुत देर हो चुकी थी।
उन्हें 45 वर्षीय कबीर महर्जन के साथ बचाया गया, जिन्हें गंभीर स्थिति में एयरलिफ्ट कर काठमांडू के छाउनी स्थित नेपाल आर्मी हॉस्पिटल भेजा गया।
बाढ़ का कारण और बचाव कार्य
साल के पिछले हफ्ते नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टान खिसकने के कारण अचानक बाढ़ आई थी, जिससे त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल ढह गई। नेपाल सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स ने साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शुक्रवार को दो लोगों को सुरक्षित निकाला।
रिपोर्टों के अनुसार, इस बाढ़ में नेपाल में 1,250 से अधिक लोगों की जान गई है, जबकि 4,700 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 600 से अधिक वे श्रमिक भी शामिल हैं, जो देशभर के 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत थे। जन्माष्टमी पर हुआ यह बचाव लोगों के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक बन गया है।
