नेपाल में महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड लीव का प्रस्ताव: क्या है इसके पीछे का कारण?
महिलाओं के लिए नया अवकाश प्रस्ताव
नई दिल्ली: नेपाल सरकार महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। सिविल सेवा में कार्यरत महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी देने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इसके लिए सिविल सेवा अधिनियम, 1992 में संशोधन किया जाएगा। इस संबंध में संशोधन विधेयक संघीय संसद सचिवालय में प्रस्तुत किया गया है। यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप ले लेता है, तो नेपाल उन कुछ देशों में शामिल हो जाएगा, जहां सरकारी महिला कर्मचारियों को पीरियड के दौरान छुट्टी दी जाती है।
बिल में शामिल प्रावधान
इस प्रस्तावित कानून के अंतर्गत महिला कर्मचारियों को पहले से मिलने वाली छुट्टियों के साथ-साथ मासिक धर्म अवकाश भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मातृत्व अवकाश, प्रसव अवकाश और मातृत्व देखभाल अवकाश जैसी सुविधाएं भी उन्हें मिलती रहेंगी।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पीरियड के दौरान कितने दिनों की छुट्टी दी जाएगी और इसे लेने के लिए किन नियमों का पालन करना होगा। इन पहलुओं को कानून बनने की प्रक्रिया के दौरान तय किया जा सकता है।
अन्य देशों में भी है यह प्रावधान
नेपाल अकेला देश नहीं होगा जो मासिक धर्म अवकाश प्रदान करेगा। जापान और दक्षिण कोरिया में पहले से ही ऐसी व्यवस्था मौजूद है। इसके अलावा, इंडोनेशिया, ताइवान, जाम्बिया, वियतनाम और स्पेन में भी महिलाओं को पीरियड से संबंधित छुट्टी का प्रावधान है।
नेपाल में सरकारी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, मार्च 2026 तक तीनों स्तर की सरकारों में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जबकि 2008 में यह केवल 8 प्रतिशत थी।
भारत में स्थिति
भारत में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पीरियड लीव का कोई सामान्य प्रावधान नहीं है। मार्च 2026 में, सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश लागू करने की मांग को अस्वीकार कर दिया था, लेकिन अदालत ने सरकार को इस मुद्दे पर विचार करने के लिए कहा था। बिहार और ओडिशा में सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए सीमित पीरियड लीव की व्यवस्था पहले से मौजूद है। नेपाल का यह प्रस्ताव महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर उनकी सुविधाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
