नेपाल में विनाशकारी बाढ़: लापता लोगों की संख्या 5,326 तक पहुंची
भयानक बाढ़ के बाद की स्थिति
नई दिल्ली: नेपाल में 26 अगस्त को आई भयंकर फ्लैश फ्लड के बाद से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। जैसे-जैसे राहत कार्य जारी है, नए शवों की खोज का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। बुधवार को नेपाल पुलिस और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 1,365 तक पहुंच गई है। वहीं, हजारों परिवार अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी या उनके अवशेषों की तलाश में दिन-रात प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल
DNA सैंपल के जरिए शवों की पहचान की कोशिश
मलबे में दबे शवों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने 1,147 अज्ञात शवों को सुरक्षित रखा है। सुरक्षा बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन शवों के DNA सैंपल एकत्र कर रही हैं, ताकि लापता लोगों के परिजनों से मिलान कर उनके अवशेष लौटाए जा सकें।
लापता लोगों की संख्या में वृद्धि
हजारों लोग अब भी लापता
आपदा के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 5,326 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। चितवन जिले में सबसे अधिक 363 शव बरामद किए गए हैं, जबकि पूर्वी नवलपरासी से 226, पश्चिमी नवलपरासी से 222 और नुवाकोट जिले से 197 शव निकाले गए हैं। प्रशासनिक प्रयासों के तहत अब तक 102 शवों को उनके परिजनों को सौंपा गया है।
त्रिशूली नदी में बाढ़ का कारण
बर्फ और चट्टानों के खिसकने से त्रिशूली नदी में आया उफान
यह भीषण त्रासदी 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और विशाल चट्टानों के अचानक खिसकने के कारण हुई। इससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अप्रत्याशित बाढ़ आ गई, जिसने तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्रों में बसे गांवों, बाजारों, सड़कों और पुलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। राहत और बचाव दल अब भी मलबे में खोजबीन कर रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका है।
