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नेपाल में हिंसा के कारण कर्फ्यू, तीन की मौत

नेपाल के मधेस प्रदेश में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के कारण कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। सुनसरी, धनुषा और सिराहा जिलों में स्थिति गंभीर है, जहां पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। इस हिंसा में तीन लोगों की जान गई है, और नेपाल सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शांति बनाए रखने की अपील की है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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मधेस प्रदेश में फैली हिंसा

नेपाल में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पें अब मधेस प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फैल गई हैं। प्रशासन ने धनुषा और सिराहा जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। इस समय, धनुषा, मोरंग, सुनसरी और सिराहा जिलों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं जारी हैं, जिनमें सुनसरी जिला सबसे अधिक प्रभावित है। यहां पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है।


हिंसा में हुई मौतें और मुआवजा

सुनसरी जिले में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। सिराहा जिले के गोलबाजार में पुलिस की गोली से गणेश यादव की मौत हुई है। नेपाल सरकार ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख नेपाली रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।


कर्फ्यू के तहत प्रभावित क्षेत्र

हिंसा की शुरुआत सुनसरी जिले के कपतांगंज से हुई थी, और अब यह जनकपुरधाम तक पहुंच चुकी है। कर्फ्यू धनुषा जिले के लक्ष्मीनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नगराइन नगरपालिका, दूधमती पुल और सिराहा जिले के गोलबाजार में लागू किया गया है।


दंगाइयों द्वारा आगजनी

इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान गई है, जिनमें जय प्रकाश मेहता, ओम प्रकाश मेहता और गणेश यादव शामिल हैं। गोलबाजार में दंगाइयों ने 11 बाइकों को आग के हवाले कर दिया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत की। सुनसरी जिले के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।


प्रधानमंत्री की शांति की अपील

हिंसा के बीच, नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने सुनसरी जिले का दौरा किया। इससे पहले, उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। विपक्षी दलों ने पुलिस की गोलीबारी की निंदा की है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में सुनसरी जिले की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।


हिंसा की शुरुआत का कारण

हिंसा की शुरुआत सुनसरी जिले के कपतांगंज में 26 जुलाई को हुई, जब कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक झंडों को फहराने और लाउडस्पीकर बजाने पर दूसरे समुदाय ने आपत्ति जताई। इस पर बहस के बाद स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, जिससे कई लोग घायल हुए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की।


कर्फ्यू का विस्तार

नेपाल का सुनसरी जिला भारत की सीमा के निकट है। 27 जुलाई से जिले में कर्फ्यू लागू है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन ने जिले के 10 क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। नए प्रतिबंधों के तहत धरना प्रदर्शन, सभाएं और चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी।