न्यूजीलैंड और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मिली मंजूरी
न्यूजीलैंड की संसद ने पारित किया विधेयक
बुधवार को न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का समर्थन न्यूजीलैंड की सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी और विपक्षी लेबर पार्टी ने किया, जिसके परिणामस्वरूप 93-29 के बहुमत से इसे पारित किया गया। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बताया कि संसद ने इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।
समझौते के लाभ
व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने जानकारी दी कि इस समझौते के लागू होने पर न्यूजीलैंड से भारत को भेजे जाने वाले 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। जब यह पूरी तरह से लागू होगा, तो यह आंकड़ा 82 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। भारत से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले महीने अक्टूबर में लागू होने की संभावना है।
समझौते की विशेषताएँ
भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल को इस मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत न्यूजीलैंड भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करेगा, जबकि भारत न्यूजीलैंड के 92 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क में कमी करेगा।
प्रधानमंत्री का बयान
लोगों ने मुझसे कहा था कि भारत के साथ फ्री ट्रेड डील संभव नहीं है। मगर आज उस समझौते को संसद में मतदान के बाद मंजूरी मिल गई। इस समझौते से न्यूजीलैंड में रोजगार और लोगों की आमदनी बढ़ेगी। 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बाजार खुलने से न्यूजीलैंड के अधिक प्रोडक्ट भारत में बेचे जा सकेंगे। क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री।
टैक्स-मुक्त उत्पाद
समझौते के अनुसार, न्यूजीलैंड कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर 100% शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा। भारत ने न्यूजीलैंड के 70% उत्पादों पर शुल्क में छूट दी है, जो दोनों देशों के कुल व्यापार का लगभग 95% है।
विशेष उत्पादों की सूची
29.97 प्रतिशत उत्पाद श्रेणियों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, जिनमें डेयरी उत्पाद, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, पशु एवं वनस्पति वसा, तेल, हथियार एवं गोला-बारूद, रत्न एवं आभूषण, तांबा और उसके उत्पाद, एल्युमीनियम और उसके उत्पाद शामिल हैं।
न्यूजीलैंड के उत्पादों पर टैक्स में कमी
भारत न्यूजीलैंड से आने वाले कोकिंग कोयले, धातु के कचरे, लकड़ी, भेड़ के मांस और कच्ची खाल जैसे उत्पादों को शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम तेल, वनस्पति तेल, कुछ विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी और पेप्टोन पर अलग-अलग समयावधियों में शुल्क कम किया जाएगा।
किसानों के हितों की सुरक्षा
भारत ने मनुका शहद, सेब, कीवी फल और दूध से बने एल्ब्यूमिन जैसे उत्पादों पर कोटा आधारित शुल्क रियायत दी है। इसके साथ ही, न्यूनतम आयात मूल्य जैसे सुरक्षा उपायों को अपनाया गया है ताकि स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। न्यूजीलैंड भारतीय पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा भी देगा, जिसमें 5000 वीजा दिए जाएंगे।
निवेश की योजना
आने वाले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
