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पर्वतारोहण के दिग्गज निर्मल पुर्जा का निधन: हिमालय में आई एक और त्रासदी

निर्मल पुर्जा, जो पर्वतारोहण की दुनिया में एक चमकते सितारे थे, का निधन एक भयंकर एवलांच में हुआ। उनकी मौत ने पर्वतारोहण समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। जानें उनके अद्वितीय रिकॉर्ड और इस दुखद घटना के बारे में।
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निर्मल पुर्जा का निधन


नई दिल्ली: पर्वतारोहण की दुनिया के एक प्रमुख नाम, नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें 'निम्स दाई' के नाम से जाना जाता था, अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी मृत्यु की खबर ने पर्वतारोहण समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान एक भयंकर एवलांच में वे लापता हो गए थे, और दो दिनों की खोज के बाद शनिवार को उनकी मौत की पुष्टि हुई। ब्रॉड पीक, जिसकी ऊंचाई लगभग 8,047 मीटर है, दुनिया का बारहवां सबसे ऊंचा पर्वत है और इसे कठिन चढ़ाई और अचानक मौसम परिवर्तन के लिए जाना जाता है। यह हादसा 6,600 मीटर की ऊंचाई पर हुआ, जो इस पर्वत के सबसे खतरनाक हिस्सों में से एक है।


नेपाल के प्रधानमंत्री का शोक

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने निर्मल पुर्जा सहित छह नेपाली और चार विदेशी पर्वतारोहियों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हिमालय कई लोगों को शिखर की महिमा देता है, लेकिन कभी-कभी वही पहाड़ उन्हें हमेशा के लिए अपने आगोश में समेट लेता है।


हादसे का विवरण

यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब निम्स की अगुवाई में एक दल कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ रहा था। अचानक आए एवलांच ने पूरी टीम को अपनी चपेट में ले लिया। उनकी कंपनी एलीट एक्सपेड ने बताया कि निम्स ने एवलांच में जान गंवा दी और अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी नहीं बचे। इस दल में पांच नेपाली पर्वतारोही शामिल थे, साथ ही पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन से एक-एक पर्वतारोही भी थे।


निर्मल पुर्जा की उपलब्धियां

निर्मल पुर्जा ने 2019 में दुनिया के सभी चौदह आठ हजार मीटर से ऊंचे शिखरों पर महज छह महीने और कुछ दिनों में चढ़ाई कर एक रिकॉर्ड स्थापित किया था। इस उपलब्धि को नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री '14 पीक्स: नथिंग इज इंपॉसिबल' के माध्यम से वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने कई चोटियों को बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के भी फतह किया और कई बार आठ हजार मीटर की ऊंचाई पार की।


खोज अभियान की कठिनाइयाँ

हादसे के बाद पाकिस्तानी बचाव दलों ने हेलिकॉप्टर और ड्रोन की मदद से खोजबीन जारी रखी। खराब मौसम ने इस कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। इस दौरान कुछ शव पहले ही बरामद हो चुके थे, जिनमें ओमान की नधीरा अल-हारथी भी शामिल थीं। शुरुआती दिनों में जीपीएस ट्रैकर्स से मिले संकेतों ने कुछ उम्मीद जगाई थी, लेकिन अंततः दुखद सच्चाई सामने आई।


यह घटना पूरे विश्व के पर्वतारोहण समुदाय को झकझोर गई है और नेपाल, पाकिस्तान सहित कई देशों में शोक की लहर है। कई अभियान दलों ने अपनी चढ़ाई रोककर बचाव कार्य में सहायता की।