पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव: अमेरिका की कार्रवाई और हूती विद्रोहियों के हमले
तनाव में वृद्धि
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की गतिविधियों और यमन में हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकेबंदी को लागू करने में जुटी हुई है। इस बीच, यमन से हूती विद्रोहियों द्वारा 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की सूचना मिली है। अमेरिकी सेना ने बताया कि 2 सितंबर तक नाकेबंदी के दौरान 86 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, जबकि 3 जहाजों को निष्क्रिय किया गया और 2 जहाजों की जांच की गई।
हूती विद्रोहियों के हमले
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं। यमनी सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ये मिसाइलें पश्चिमी यमन के क्षेत्रों को निशाना बनाकर दागी गईं, जिनमें से अधिकांश ताइज प्रांत के मोखा शहर की दिशा में थीं। इसके अलावा, होदेइदाह प्रांत के अल-खोखा जिले को भी लक्ष्य बनाया गया। हाल के हफ्तों में मोखा में हूती विद्रोहियों द्वारा ड्रोन हमलों की भी खबरें आई हैं।
जमीनी सैन्य गतिविधियाँ
यमनी सूत्रों के अनुसार, हूती लड़ाकों ने ताइज के अल-कदहा-अल-बराह क्षेत्र में जमीनी हमले की कोशिश की, जिसे सरकारी बलों ने विफल कर दिया। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि यमन में संघर्ष केवल मिसाइल और ड्रोन हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
अमेरिकी नाकेबंदी की स्थिति
दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई जारी है। CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रही है और नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रही है। 86 जहाजों का मार्ग बदलना, 3 जहाजों को निष्क्रिय करना और 2 जहाजों पर जाकर जांच करना इसी अभियान का हिस्सा है।
यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल और जमीनी हमलों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र की स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
