पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव: क्या है गुलिस्तान में झड़प का कारण?
गुलिस्तान में हुई झड़प
नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हालात अब गंभीर झड़प में बदल चुके हैं। गुलिस्तान क्षेत्र में हुई भीषण गोलीबारी में कई तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने की सूचना मिली है। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना ने गुलिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र में अफगान तालिबान के हमले को विफल कर दिया, जिसमें कई लड़ाके मारे गए। हालांकि, इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है।
तनाव का बढ़ता स्तर
यह झड़प उस समय हुई है जब कभी सहयोगी रहे ये दोनों देश अब एक-दूसरे के दुश्मन बन चुके हैं। पिछले तीन महीनों से दोनों देशों के बीच स्थिति काफी शांत थी, लेकिन हाल ही में उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पुलिस ठिकाने पर हुए हमले में 24 लोगों की मौत ने स्थिति को फिर से बिगाड़ दिया।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई
इस हमले के बाद पाकिस्तान ने बिना ठोस सबूत के एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 स्थानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया कि इन हमलों में चार नागरिकों की जान गई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
गुलिस्तान सेक्टर में लड़ाई
पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि अफगान तालिबान लड़ाकों ने बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने इसका कड़ा जवाब दिया, जिसमें कई तालिबान लड़ाके मारे गए। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी तक किसी भी पक्ष ने नहीं की है।
पाकिस्तानी चौकियों का撤退
इस बीच, अफगानिस्तान के टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने कंधार के रेगिस्तान और स्पिन बोल्डक जिलों में अपनी कई चौकियों को छोड़ना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, स्पिन बोल्डक में अफगान और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हुई, जिसमें चार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने आठ ड्रोन को मार गिराया है।
तालिबान की चेतावनी
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों में चार अफगान नागरिकों की जान गई है, और काबुल इसका सख्त जवाब देगा। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह मक्का पैक्ट की जिम्मेदारियों से बचने के लिए ये हमले कर रहा है।
