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पाकिस्तान और ईरान के बीच कूटनीतिक संवाद: क्या है इस्लामाबाद की नई पहल?

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के समकक्ष को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। दोनों देशों के बीच हालिया तनाव और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए यह वार्ता आयोजित की गई है। जानें, इस कूटनीतिक संवाद का क्या महत्व है और पाकिस्तान किस प्रकार एक विश्वसनीय मध्यस्थ बनने का प्रयास कर रहा है।
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पाकिस्तान का ईरान को निमंत्रण


नई दिल्ली: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की और उन्हें इस्लामाबाद आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक विश्वसनीय मध्यस्थ की भूमिका को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है, भले ही वह इस समय मीडिया की सुर्खियों से दूर रहकर शांत कूटनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जून में, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए हुए सहमति पत्र पर 'गारंटर' के रूप में हस्ताक्षर किए थे।


कूटनीतिक संवाद की गहराई

सोमवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की। इस बातचीत में पूर्वी येरुशलम में बिगड़ते हालात पर भी चिंता व्यक्त की गई।


पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य संकट के समय में पाकिस्तान को एक निष्पक्ष और विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में स्थापित करना है।


पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति

वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को तेहरान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन के साथ कोई वार्ता नहीं चल रही है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि कूटनीतिक चर्चाएं जारी हैं, जबकि ईरानी अधिकारियों ने किसी भी बैठक या वार्ता से इनकार किया है। इससे एक दिन पहले, ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के अनुरोध पर ईरान पर सैन्य हमले रोकने की बात स्वीकार की थी।


ईरान के समकक्ष को निमंत्रण

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष अयाज सादिक ने भी अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण भेजा है। अराघची और गालिबाफ दोनों ही अमेरिका-ईरान के बीच हालिया वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इससे पहले अप्रैल में, इस्लामाबाद ने दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की मेज़बानी की थी और स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की बैठकों में भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।