पाकिस्तान का नया खतरा: बांग्लादेश को कैंसर वाला चावल बेचने की कोशिश
पाकिस्तान का खतरनाक व्यापार
पाकिस्तान ने एक नया और चिंताजनक चेहरा दिखाया है, जिसमें वह बांग्लादेश को कैंसर युक्त चावल बेचने की योजना बना रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पाकिस्तान से 500 मेट्रिक टन चावल खरीदने का विचार कर रही है, लेकिन यह कोई सामान्य सौदा नहीं है। यह वही चावल है जिसे यूरोपीय संघ ने इंसानों के लिए अनुपयुक्त मानकर वापस भेज दिया था।
यूरोपीय संघ के खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत जब पाकिस्तानी बासमती और गैर-बासमती चावल की जांच की गई, तो उसमें दो खतरनाक तत्व पाए गए।
खतरनाक तत्वों की पहचान
पहला, प्रतिबंधित कीटनाशक की अत्यधिक मात्रा और दूसरा, एफ्लॉक्टॉक्सिन नामक एक जानलेवा फंगस। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह फंगस तब उत्पन्न होता है जब अनाज को गंदे और खराब तरीके से संग्रहित किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक इस प्रकार के चावल का सेवन करता है, तो उसे लिवर कैंसर का खतरा हो सकता है।
यूरोप ने अपनी जनता की सुरक्षा के लिए इस खेप को तुरंत वापस पाकिस्तान भेज दिया।
पाकिस्तान की चालाकी
पाकिस्तान को इन जहरीले चावलों को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए था, लेकिन आर्थिक संकट के कारण उसने इस रिजेक्टेड माल को बांग्लादेश में बेचने का निर्णय लिया। बांग्लादेश में जब शेख हसीना की सरकार गिरी, तो नई अंतरिम सरकार ने भारत पर भरोसा कम किया, जिससे पाकिस्तान को लाभ मिला।
पाकिस्तान की ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ने बांग्लादेश को कम कीमत पर चावल देने का लालच दिया, जबकि बांग्लादेश भारत से सुरक्षित चावल खरीद सकता था।
राजनीतिक खेल और मानवता
बांग्लादेश ने पाकिस्तान से $395 प्रति टन की कीमत पर यह जहरीला चावल खरीदने का निर्णय लिया, जबकि भारत से उसे केवल $355 प्रति टन में सुरक्षित चावल मिल सकता था। यह व्यापार केवल मुनाफा कमाने का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन के साथ खेलना है।
पाकिस्तान की यह कूटनीति न केवल अनैतिक है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है।
