पाकिस्तान का यमन में बड़ा कदम: हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब को मिल रही मदद
पाकिस्तान की सैन्य सहायता
नई दिल्ली: हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रही लड़ाई में पाकिस्तान ने सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। हाल ही में, पाकिस्तान ने सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार को बड़े पैमाने पर हथियारों की आपूर्ति की है। रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर में पाकिस्तान के चार कार्गो विमान अदन शहर में हथियार लेकर पहुंचे थे।
हथियारों की आपूर्ति का समय
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह हथियारों की खेप उस समय भेजी गई है जब हूती विद्रोही सऊदी अरब और यमन सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि इस्लामाबाद ने अदन में एयर डिफेंस सिस्टम, हल्की तोपें, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम भेजे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार भी यमनी सैनिकों को प्रशिक्षण और रणनीति में सहायता कर रहे हैं।
यमन में सैन्य ऑपरेशन की योजना
यमन में बड़े ऑपरेशन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, हूतियों को लाल सागर तट से हटाने के लिए यमन में एक बड़े सैन्य अभियान की योजना बनाई जा रही है। इस ऑपरेशन में सऊदी समर्थित यमन सेना के लगभग 1 लाख सैनिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसमें सऊदी अरब हवाई हमलों से सहायता करेगा। पाकिस्तान द्वारा भेजे गए हथियार इसी तैयारी का हिस्सा माने जा रहे हैं।
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती
सऊदी अरब में तैनात हैं हजारों पाकिस्तानी सैनिक
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वर्तमान में सऊदी अरब में पाकिस्तान के 30 से 40 हजार सैनिक तैनात हैं, जो हूती हमलों को रोकने में सऊदी सेना की सहायता कर रहे हैं। पाकिस्तान ने सऊदी अरब में भी दो कार्गो विमानों के माध्यम से एयर डिफेंस सिस्टम भेजा है ताकि हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोका जा सके।
ताइज में बढ़ती लड़ाई
ताइज में तेज हुई लड़ाई
इस बीच, यमन में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। हूती विद्रोहियों ने अपने हमलों को तेज कर दिया है। ताइज शहर के आसपास भीषण लड़ाई चल रही है। हाल ही में, हूतियों ने एक महत्वपूर्ण पुल को उड़ा दिया, जो ताइज के सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्र को अदन से जोड़ता था। यदि हूती ताइज पर कब्जा कर लेते हैं, तो वे अदन बंदरगाह को उत्तर में मौजूद यमन सरकार के क्षेत्रों से पूरी तरह काट देंगे, जो सऊदी गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका होगा।
