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पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया: CJP आंदोलन पर क्या कहा विदेश मंत्रालय ने?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन पर पाकिस्तान ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कोई टिप्पणी नहीं की। आंदोलन अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिसमें प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाल ही में 'संसद चलो' मार्च के दौरान झड़पें भी हुईं। सरकार ने बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया


नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर पाकिस्तान ने पहली बार अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चल रही चर्चाओं के बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा और इसे भारत का आंतरिक मामला मानता है।


पाकिस्तान का बयान

पाकिस्तान ने क्या कहा?


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई मानवाधिकारों से जुड़ी नहीं है। उन्होंने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पाकिस्तान इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा।




पाकिस्तान का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में CJP आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बढ़ी थी।


CJP आंदोलन का पांचवां सप्ताह

पांचवें सप्ताह में पहुंचा आंदोलन


CJP का प्रदर्शन अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


संसद मार्च के बाद की स्थिति

संसद मार्च के बाद बढ़ा तनाव


20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए।


सरकार की बातचीत की पेशकश

सरकार बातचीत के पक्ष में


केंद्र सरकार ने कहा है कि वह आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार कई बार वार्ता का प्रस्ताव दे चुकी है। हालांकि, CJP का कहना है कि बातचीत किसी सरकारी आवास या कार्यालय में नहीं, बल्कि तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।


सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त

सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन


इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 25 दिन से अधिक समय तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ बातचीत और देश में शांति बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।


साथ ही, उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की। फिलहाल, CJP का प्रदर्शन जारी है और सरकार तथा आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को लेकर सभी की नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।