पाकिस्तान की बौखलाहट: मोदी की रणनीति ने बढ़ाई चिंता
पाकिस्तान की बेचैनी का कारण
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस बार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह सिंधु जल के पानी के लिए भारत से युद्ध करने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान में हाहाकार मच गया है, और उनके समर्थक लगातार गीदड़ भभकी दे रहे हैं।
पानी का संकट और पाकिस्तान की जनता
पाकिस्तान की जनता अब यह समझ चुकी है कि उनके पानी संकट का मुख्य कारण उनके नेताओं की आतंकवादी गतिविधियाँ हैं। यदि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देता, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। शहबाज सरकार के मंत्री मुसादिक मलिक ने भी इसी संदर्भ में बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन हाथों को काट देगा जो सिंधु जल संधि के तहत उनके पानी को रोकेंगे।
सिंधु जल संधि का महत्व
भारत ने पिछले एक साल से सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले सपोर्ट सिस्टम को समाप्त कर दिया है। यह संधि 1960 में बनी थी और इसके तहत दोनों देशों के बीच जल प्रवाह और प्रबंधन को लेकर बातचीत होती थी। लेकिन पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के कारण अब यह संधि प्रभावी नहीं रह गई है।
