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पाकिस्तान की मक्का समझौते के बाद बढ़ी मुश्किलें: हूती विद्रोहियों की चेतावनी

पाकिस्तान की मक्का समझौते के बाद की स्थिति जटिल होती जा रही है, जहां हूती विद्रोहियों ने उसे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। सऊदी अरब पर हुए हमलों में पाकिस्तान की चुप्पी ने उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाया है। इस लेख में हम पाकिस्तान की कूटनीति, हूती विद्रोहियों की चेतावनी और सऊदी अरब के साथ उसके संबंधों पर चर्चा करेंगे। क्या पाकिस्तान अपनी विदेश नीति को सुधार पाएगा? जानिए पूरी कहानी।
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पाकिस्तान की बढ़ती चुनौतियाँ


नई दिल्ली: पाकिस्तान की पश्चिम एशिया में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की कोशिशें अब उसके लिए समस्याओं का कारण बन गई हैं। सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए मक्का समझौते के बाद इस्लामाबाद की स्थिति और भी जटिल हो गई है। सऊदी अरब पर हूती हमलों के संदर्भ में पाकिस्तान की चुप्पी ने उसे वैश्विक स्तर पर शर्मिंदा किया है, और अब यमन के हूती विद्रोहियों ने पाकिस्तान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। हूतियों ने अरामको के ठिकानों को भी निशाना बनाने की बात की है, जिससे मक्का समझौते की वास्तविकता उजागर हो गई है।


हूती विद्रोहियों की सीधी चेतावनी

सऊदी अरब में पाकिस्तानी और तुर्की सैनिकों की संभावित तैनाती से चिंतित हूती विद्रोहियों ने इन दोनों देशों को सीधे चेतावनी दी है। हूती नेता अल बुखैती ने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान और तुर्की ने हस्तक्षेप किया, तो उन पर सीधा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी भूमि पर किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


हूतियों की धमकी और पाकिस्तान की कूटनीति

अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर ने पाकिस्तान की कूटनीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मक्का समझौते के पीछे इस्लामाबाद की मंशा कभी स्पष्ट नहीं रही। 7 अगस्त को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए इस रक्षा समझौते में यह तय किया गया था कि यदि इनमें से किसी एक पर हमला होता है, तो इसे सभी पर हमला माना जाएगा। तुर्की ने इसे 'इस्लामिक नाटो' का नाम दिया था, लेकिन वास्तविकता में यह गठबंधन प्रभावहीन साबित हो रहा है।


रियाद पर हमला और नया मोर्चा

पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम का श्रेय लेने की कोशिश की थी, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। मक्का समझौते के माध्यम से अपनी विदेश नीति को चमकाने की कोशिश अब पूरी तरह असफल हो चुकी है। यह तब स्पष्ट हुआ जब शनिवार को हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। हालांकि सऊदी गठबंधन ने मिसाइल को नष्ट करने का दावा किया, लेकिन रियाद के निवासियों ने जोरदार धमाके सुने और हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार देखा।