पाकिस्तान के कंडोम विज्ञापन पर विवाद: हॉरर फिल्म ऑब्सेशन का संदर्भ क्यों बना समस्या?
सोशल मीडिया पर ट्रोल हुआ विज्ञापन
नई दिल्ली: पाकिस्तान की एक कंडोम निर्माता कंपनी का इंस्टाग्राम विज्ञापन सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का शिकार हो गया है। इसका कारण हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' से लिया गया संदर्भ है, जिसे लोग असंवेदनशील और खतरनाक मान रहे हैं। इस ब्रांड ने फिल्म में दिखाए गए गंभीर मुद्दों जैसे कंसेंट और खतरनाक जुनून को हल्के में लेते हुए अपने उत्पाद का प्रचार किया।
विज्ञापन की सामग्री और प्रतिक्रिया
इस विज्ञापन में फिल्म की काल्पनिक जादुई वस्तु 'वन विश विलो' के पास एक कंडोम रखा हुआ था। बैकग्राउंड में फिल्म की पात्र निक्की दरवाजे पर खड़ी थी। पोस्ट की टैगलाइन थी 'उसे अपना दीवाना बनाएं' और कैप्शन में लिखा था 'इसे अपनी फ्रीकी निक्की को भेजें'।
जैसे ही यह पोस्ट सामने आया, यूजर्स भड़क उठे। कई लोगों ने कहा कि ब्रांड ने फिल्म के डरावने और संवेदनशील प्लॉट का उपयोग केवल मार्केटिंग के लिए किया। एक यूजर ने लिखा कि यह देखकर उल्टी आ रही है, जबकि दूसरे ने इसे गलत संदर्भ बताया।
बिना कंसेंट के सेक्स को बढ़ावा देने का आरोप
लोगों का कहना है कि फिल्म 'ऑब्सेशन' बिना अनुमति के उत्पन्न होने वाले जुनून और उसके खतरनाक परिणामों पर आधारित है। ऐसे में कंडोम जैसे उत्पाद के विज्ञापन में इसका संदर्भ देना गलत संदेश देता है।
यूजर्स ने सवाल उठाया कि 'वन विश विलो' जैसी चीज को कंडोम के साथ दिखाना और उसे रोमांस के रूप में पेश करना, जबरदस्ती को सामान्य बनाने जैसा है। 'इसे अपनी फ्रीकी निक्की को भेजें' वाला कैप्शन भी फिल्म की महिला पात्र का मजाक उड़ाता है।
फिल्म 'ऑब्सेशन' की कहानी
फिल्म की कहानी बियर नामक एक म्यूजिक स्टोर कर्मचारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपनी बचपन की दोस्त निक्की से एकतरफा प्यार है। वह 'वन विश विलो' नाम की रहस्यमयी वस्तु से प्रार्थना करता है कि निक्की उससे प्यार करे। प्रार्थना पूरी होती है, लेकिन इसके तरीके बेहद खौफनाक होते हैं। जो प्यार पहले एकतरफा था, वह धीरे-धीरे खतरनाक जुनून में बदल जाता है। यही फिल्म का मुख्य डर और थीम है।
आलोचकों की प्रतिक्रिया
आलोचकों का मानना है कि सुरक्षित सेक्स का प्रतीक माने जाने वाले कंडोम के विज्ञापन में ऐसी कहानी का उपयोग करना, फिल्म के असली संदेश और कंसेंट जैसे मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है।
सोशल मीडिया पर इस विषय पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे खराब मार्केटिंग बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे महिलाओं के खिलाफ गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। ब्रांड की ओर से अभी तक इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।
