पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध: JAAC ने भारत से मांगी मदद
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात बिगड़ते
नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थिति गंभीर होती जा रही है। सरकार की कड़ी कार्रवाई के तहत 600 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद वहां पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनों में तेजी आई है। 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) ने इस्लामाबाद को खुली चुनौती दी है और भारत से सहायता की मांग की है।
गिरफ्तारियों के बाद भड़का आंदोलन
JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद पूरे PoK में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। JAAC ने कहा, "गुलाम उनके नियंत्रण में हैं। शाह कैद में हैं।" JAAC के एक प्रमुख सदस्य सरदार अमन खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
इस वीडियो में वह PoK में राशन, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी की बात कर रहे हैं। अमन खान ने मेंढर, पुंछ, राजौरी, डोडा और कश्मीर घाटी के निवासियों से मदद की अपील की। उन्होंने कहा, "यहां राशन और दवाओं की कमी है। हमें आपकी सहायता की आवश्यकता है।"
LoC खत्म करने की मांग
JAAC के नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अब सीजफायर लाइन को समाप्त करना चाहते हैं। अमन खान ने भीड़ से पूछा, "क्या हमें LoC की ओर बढ़ना चाहिए?" इस पर वहां उपस्थित लोगों ने जोर से 'हां' कहा।
उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक संवाद के लिए रास्ते खुले हैं, तो दूसरी तरफ के लोग भी आगे आना चाहिए। उनका उद्देश्य पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर निकलना है।
पाकिस्तान को चेतावनी
अमन खान ने पाकिस्तानी अधिकारियों की मनमानी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय लोग इस्लामाबाद की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अगर आप सोचते हैं कि हम कमजोर हैं, तो यह आपकी गलतफहमी है। खुदा ने चाहा तो हम आपको रास्ते दिखाएंगे।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कश्मीरी जज्बे के जवाब में गोलियां चलाई गईं, तो उनके पास भी विकल्प हैं। "कल शिकायत मत करना कि आपको बुरा लगा।" खान ने आगे कहा, "हम आपके मिजाज के अनुसार नहीं चलेंगे। आप वफादारी दिखाएंगे तो हम भी दिखाएंगे। आप क्रूरता दिखाएंगे तो हम भी क्रूरता दिखाएंगे। हम भी इंसान हैं।"
पूरे क्षेत्र से अपील
एक अन्य वीडियो में अमन खान ने श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, मेंढर, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, करगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान के निवासियों से बात की। उन्होंने कहा कि PoK पिछले एक महीने से अधिक समय से दबाव और अत्याचार का सामना कर रहा है।
JAAC का कहना है कि जब तक लोगों की मांगें नहीं मानी जातीं, विरोध जारी रहेगा। PoK में बढ़ते विरोध और भारत से मदद की मांग ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
