पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की न्यूयॉर्क यात्रा: विरोध और कूटनीतिक उपेक्षा का सामना
शहबाज शरीफ की न्यूयॉर्क यात्रा में विरोध
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क का दौरा किया, तो उन्हें भारी जनविरोध और कूटनीतिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा। यात्रा की शुरुआत में ही न्यूयॉर्क की सड़कों पर उनके खिलाफ लगे पोस्टरों ने पाकिस्तान सरकार की प्रतिष्ठा को सवालों के घेरे में डाल दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिक समुदाय इस घटना को पाकिस्तानी नेताओं की एक और वैश्विक फजीहत के रूप में देख रहे हैं।
पेन स्टेशन पर PTI समर्थकों का प्रदर्शन
न्यूयॉर्क के पेन स्टेशन के बाहर PTI कार्यकर्ताओं और प्रवासियों ने शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पोस्टर लगाए, जिनमें शरीफ के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। उनका आरोप है कि शहबाज शरीफ 'फॉर्म 47' में धांधली के जरिए सत्ता में आए हैं और पाकिस्तान में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की भी मांग की।
आर्थिक संकट और प्राइवेट जेट का विवाद
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने यात्रा के खर्चों में कटौती का दावा किया था। वह केवल उप-प्रधानमंत्री इशाक डार और विशेष सहायक तारिक फातमी के साथ न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। हालांकि, विरोधियों ने उनके इस कदम को दिखावा बताते हुए आलोचना की है। पेन स्टेशन पर लगे पोस्टरों में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ द्वारा खरीदे गए 12 अरब पाकिस्तानी रुपये के प्राइवेट जेट की तस्वीर भी दिखाई गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन 'पीआईए' को केवल 10 अरब रुपये में बेचने की नौबत आ गई है, तब शासक जनता के टैक्स के पैसे से अरबों रुपये का वीआईपी जेट उड़ा रहे हैं।
कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग पड़ने का आरोप
विरोध प्रदर्शनों के अलावा, एयरपोर्ट पर शहबाज शरीफ के स्वागत को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनयिक हलकों में चर्चा है कि अमेरिका ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को विशेष प्राथमिकता नहीं दी। ईरान के साथ मध्यस्थता की नाकाम कोशिशों के बाद पाकिस्तान के अमेरिका के साथ संबंधों में आई कड़वाहट को भी इसकी एक वजह माना जा रहा है। पूर्व रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद स्वीकार किया था कि पश्चिमी शक्तियां पाकिस्तान का इस्तेमाल कर उसे दरकिनार कर देती हैं। अब न्यूयॉर्क में इस भारी विरोध के बाद, शहबाज शरीफ के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच पर देश की प्रतिष्ठा को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
