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पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का रक्षा समझौते की पहली बैठक

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक आज इस्तांबुल में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उप प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सेनाध्यक्ष करेंगे। यह बैठक इन देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रति उनके इरादे को दर्शाती है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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मक्का समझौते के तहत पहली बैठक

आज, सोमवार को तुर्किये के इस्तांबुल में पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच स्थापित ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के तहत पहली रणनीतिक राजनीतिक एवं रक्षा समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस बैठक में उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इसहाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ और सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करेंगे।


बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि, ‘‘बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी तुर्किये और सऊदी अरब जैसे मित्र देशों के साथ उसके ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती है। यह क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के प्रति पाकिस्तान के इरादे को भी स्पष्ट करती है।’’


बैठक में तुर्किये और सऊदी अरब के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और सेना के जनरल स्टाफ प्रमुख भी शामिल होंगे। इस रक्षा समझौते पर मुसलमानों के पवित्र शहर मक्का में इस महीने की शुरुआत में हस्ताक्षर किए गए थे, और इसे मुस्लिम देशों के संयुक्त सुरक्षा समूह की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना गया है। इस समझौते का दायरा बढ़ाने की संभावना भी है, और बांग्लादेश पहले ही इसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त कर चुका है।


पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर 7 अगस्त को हस्ताक्षर किए थे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा चिंताओं के चलते इस समझौते के तहत यदि किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो इसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।