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पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई को लेकर राजनीतिक उथल-पुथल, PTI का बड़ा प्रदर्शन

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इमरान खान की रिहाई को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। PTI के समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि खान की सुरक्षा को कोई खतरा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी शहबाज शरीफ पर होगी। PTI ने अडियाला जेल में खान से मिलने का भी ऐलान किया है, और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शन फैलने की संभावना है।
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इस्लामाबाद में राजनीतिक तनाव


नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और उनके साथ जेल में हो रहे व्यवहार के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी के सांसद, वकील और कार्यकर्ता अदालत के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


शहबाज सरकार को चेतावनी

इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, पर कई मामले चल रहे हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और PTI के वरिष्ठ नेता सलमान अकरम राजा ने शहबाज शरीफ की सरकार पर तीखा हमला किया।


अफरीदी ने स्पष्ट किया कि यदि इमरान खान के स्वास्थ्य या सुरक्षा को कोई खतरा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों पर होगी।


अडियाला जेल की ओर मार्च और D-चौक का ऐलान

PTI ने सरकार के सामने एक सख्त समयसीमा रखी है। पार्टी के अनुसार, गुरुवार को सभी सांसद इमरान खान से मिलने अडियाला जेल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि गुरुवार रात 10 बजे तक प्रतिनिधिमंडल को खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि मांग न माने जाने पर 'पूरा पाकिस्तान D-चौक बन जाएगा'।


इस्लामाबाद का D-चौक राजनीतिक संघर्षों और बड़े आंदोलनों का केंद्र माना जाता है। इमरान खान की गिरफ्तारी के समय भी इसी क्षेत्र में PTI कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुई थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के बाहर नेताओं और वकीलों की लगातार भीड़ से पाकिस्तान में राजनीतिक तापमान फिर से बढ़ गया है, जिससे शहबाज सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।