पाकिस्तान में सियासी हलचल: जुनेद अकबर का इस्लामाबाद मार्च पर विवादित बयान
सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है
नई दिल्ली: पाकिस्तान में 27 सितंबर को पीटीआई द्वारा आयोजित इस्लामाबाद मार्च को लेकर राजनीतिक तनाव में वृद्धि हो रही है। खैबर पख्तूनख्वा के अध्यक्ष जुनेद अकबर ने पेशावर में एक सभा में सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस बात का अंदाजा है कि प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी हो सकती है, लेकिन इस बार कार्यकर्ता केवल शव लेकर नहीं लौटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 'हम इस्लामाबाद को सोमनाथ में बदल देंगे।' अकबर ने यह दावा किया कि कार्यकर्ता विभिन्न रास्तों से राजधानी पहुंचेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पैदल मार्च भी करेंगे।
पाकिस्तान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
इस बयान पर पाकिस्तान सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने इसे हिंसा की धमकी करार दिया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या जान को खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन, पुलिस और गृह मंत्रालय किसी भी अशांति फैलाने वाले समूह को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने देंगे। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का उल्लेख किया जिसमें राजनीतिक दलों को सार्वजनिक सड़कों और नागरिकों की आवाजाही में बाधा डालने से मना किया गया है।
27 सितंबर को लॉन्ग मार्च की तैयारी
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 27 सितंबर को लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है। इस संदर्भ में इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने शहर की ओर आने वाले रास्तों पर लगभग एक हजार कार्गो कंटेनर रख दिए हैं। लाल जोन, फैजाबाद और जीरो पॉइंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा रहा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ मिट्टी की बोरियां भी रखी गई हैं। ये तैयारियां जमात-ए-इस्लामी के लंबे मार्च के साथ-साथ पीटीआई, किसान इत्तेहाद और अन्य समूहों के संभावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं। प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है।
