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पाकिस्तान में सेना का ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों की जान चली गई। सेना ने तकनीकी खराबी को हादसे का कारण बताया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह घटना पाकिस्तान में सैन्य विमानों के लगातार हो रहे हादसों की एक और कड़ी है। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विमान हादसा


नई दिल्ली: सोमवार को बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के निकट एक पाकिस्तान सेना का ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में दो पायलटों की जान चली गई। सेना ने इस हादसे की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना क्वेटा जिले के नवान किल्ली क्षेत्र में दोपहर के समय हुई, जब मुश्शक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ।


पायलटों की पहचान और दुर्घटना का कारण

हादसे में जान गंवाने वाले पायलटों की पहचान इंस्ट्रक्टर मेजर हुसनैन शहजाद हुमायूं और ट्रेनी कैप्टन अब्दुल समद के रूप में हुई है। सेना के एक बयान में कहा गया है कि विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बयान में उल्लेख किया गया है, "दोपहर के समय तकनीकी खराबी के चलते मुश्शक ट्रेनिंग विमान नवान किल्ली के पास क्रैश हो गया। इस दुखद घटना में दोनों पायलट शहीद हो गए।"


राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का शोक

इस हादसे के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति जरदारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे दोनों पायलटों की शहादत पर शोक व्यक्त करते हैं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने शहीदों के लिए दुआ भी की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी शोक व्यक्त किया, नकवी ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।


पाकिस्तान में विमान हादसों की बढ़ती संख्या

पाकिस्तान में सैन्य विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी वर्ष जून में मुजफ्फराबाद के पास सेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हुआ था, जिसमें सभी जवानों की मौत हो गई थी। उसी महीने मरदान में एयरफोर्स का एक विमान रूटीन ट्रेनिंग के दौरान गिर गया था, जिसमें दोनों पायलटों की जान चली गई थी। पिछले साल सितंबर में भी डायमर जिले के चिलास में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें चालक दल के पांच सदस्यों की जान गई थी।