पुतिन का भारत को कड़ा संदेश: स्वतंत्रता और संप्रभुता पर जोर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह कभी भी किसी विदेशी ताकत के आदेशों का पालन नहीं करेगा। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के उल्टा असर की बात की। उन्होंने भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को भी रेखांकित किया, यह कहते हुए कि यह बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होगा। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की पूरी कहानी।
| Jun 6, 2026, 09:28 IST
रूस और भारत के संबंधों पर पुतिन का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने के लिए दबाव डालने के प्रयासों के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारत कभी भी किसी विदेशी शक्ति के 'आदेश' का पालन नहीं करेगा और एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में कार्य करता रहेगा। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने ट्रंप द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिबंध अंततः 'उल्टा असर' (boomerang effect) डालेंगे। भारत हमेशा "राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के लाभ" के आधार पर अपने वैश्विक साझेदारों का चयन करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ
पुतिन ने SPIEF में मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंध अंततः 'उल्टा असर' डालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने साझेदारों का चयन राष्ट्रीय हित, कीमत और टेक्नोलॉजी के लाभ के आधार पर करता रहेगा।
अमेरिका का दबाव और पुतिन की प्रतिक्रिया
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने कहा, "अमेरिका कुछ मुद्दों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें रूस के साथ सहयोग के कुछ पहलू भी शामिल हैं। लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि 1.5 अरब लोगों के देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालना व्यर्थ है।"
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग
पुतिन की ये टिप्पणियाँ ट्रंप द्वारा भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के संदर्भ में आई हैं। ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और आरोप लगाया था कि रूस से तेल खरीदने से यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है, जिसे भारत ने बार-बार नकारा है। पुतिन ने कहा कि भारत रूस का एक विश्वसनीय साझेदार बना हुआ है और पश्चिमी देशों की कोशिशें इसे अलग-थलग करने में असफल रही हैं। उन्होंने भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग को भी रेखांकित किया और कहा कि यह सोवियत काल से चला आ रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, पुतिन ने कहा, "भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग बाहरी दबाव के बिना जारी रहेगा और यह पूरी तरह से आपसी प्रतिबद्धताओं और राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि रूस भारत के साथ पांचवीं पीढ़ी के सुखोई Su-57 प्रोग्राम पर सहयोग करने के लिए तैयार है।
