Newzfatafatlogo

पैराग्वे में बैंकिंग घोटाले से मचा राजनीतिक तूफान: जानें क्या है मामला

पैराग्वे में एक बड़े बैंकिंग घोटाले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, जिसके चलते पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटाया गया है। इस संकट ने लाखों खाताधारकों की जमा पूंजी को खतरे में डाल दिया है। उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना को नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है, और अब उनकी प्राथमिकता बैंक में फंसी रकम को वापस दिलाना है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे के राजनीतिक कारण।
 | 

पैराग्वे में बैंकिंग घोटाले का संकट


असुनसियोन। दक्षिण अमेरिका के पैराग्वे में एक बड़े बैंकिंग घोटाले ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक प्रबंधन के साथ मिलीभगत के आरोपों ने सरकार को संकट में डाल दिया है। पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटाने के बाद उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। संसद के उच्च सदन के सभी 44 सदस्यों ने उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। इस घटनाक्रम के बाद उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना ने नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। अब देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि लाखों लोगों की जमा पूंजी को वापस दिलाया जाए।


डिजिटल बैंक के संकट से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद

पैराग्वे में यह विवाद तब बढ़ा जब वित्तीय नियामकों ने प्रमुख डिजिटल बैंक उएनो बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया। बैंक की सेवाएं बंद होने से लगभग 30 लाख खाताधारकों के खाते और बैंक कार्ड फ्रीज हो गए, जिससे लोगों को अपनी जमा राशि निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। इस घटना ने आम जनता में गुस्सा पैदा किया और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। यह वित्तीय संकट धीरे-धीरे एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया।


सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप

विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि पेना ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी नियमों की अनदेखी की और करोड़ों डॉलर की सरकारी राशि उएनो बैंक में जमा करवाई। आरोपों के अनुसार, बैंक ने अपने करीबी लोगों को बिना आवश्यक गारंटी के बड़े कर्ज दिए। बैंक में लगभग 80 करोड़ डॉलर की सरकारी राशि जमा होने की बात सामने आई है, जिसमें राज्य के पेंशन फंड के 35.5 करोड़ डॉलर भी शामिल हैं। पेना ने अपने खिलाफ सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।


महाभियोग के जरिए कानूनी सुरक्षा का अंत

महाभियोग पर मतदान से एक दिन पहले, पेना ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की, लेकिन संसद ने इसे अस्वीकार कर दिया। पैराग्वे के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, आमतौर पर इस्तीफा देने वाले पूर्व राष्ट्रपति को सीनेट की आजीवन सदस्यता और कानूनी छूट मिलती है। इसी कारण सांसदों ने उन्हें महाभियोग के जरिए हटाने का निर्णय लिया, ताकि उनके खिलाफ आम नागरिक की तरह आपराधिक कार्रवाई की जा सके।


उन पर विश्वासघात और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों ने पूर्व राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के निर्देश दिए हैं। उनके द्वारा नियुक्त पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो की गिरफ्तारी के आदेश भी जारी किए गए हैं।


पेद्रो अलियाना बने नए राष्ट्रपति

पेना को पद से हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना को नया राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। वह अगस्त 2028 तक पेना का शेष कार्यकाल पूरा करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि बैंक में फंसे लोगों की रकम सुरक्षित वापस दिलाई जाए और घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पेना के राजनीतिक गुरु और पूर्व राष्ट्रपति होरासियो कार्टेस के साथ उनके संबंध बिगड़ गए। कार्टेस के गुट की ओर से सख्त रुख अपनाए जाने के कारण पेना अपनी पार्टी का समर्थन खो बैठे।


सड़कों पर उतरे लोग, पेंशन फंड की सुरक्षा पर चिंता

बैंक संकट के कारण देश के गरीब परिवारों, पेंशनभोगियों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी में हजारों लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं। देश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन ने पेंशन फंड की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।


दूसरी ओर, केंद्रीय बैंक ने छोटे खाताधारकों को चरणबद्ध तरीके से उनकी रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है। जांच एजेंसियों ने बैंक के प्रमुख शेयरधारक मिगुएल वाजकेज समेत 27 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप तय किए हैं। अब पूरे देश की नजर जांच की प्रगति और खाताधारकों की जमा राशि वापस मिलने पर टिकी हुई है।