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पोलैंड और यूक्रेन के बीच ऐतिहासिक विवाद: UPA को सम्मान देने पर तनाव

पोलैंड और यूक्रेन के बीच एक पुराना विवाद फिर से उभर आया है, जब यूक्रेन ने UPA को सम्मान देने का निर्णय लिया। पोलैंड के राष्ट्रपति ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जेलेंस्की से सम्मान वापस लेने की मांग की है। यह विवाद द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ा है, जिसमें पोलिश नागरिकों के खिलाफ UPA की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें इस मुद्दे के पीछे की कहानी और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण।
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पोलैंड और यूक्रेन के बीच ऐतिहासिक विवाद: UPA को सम्मान देने पर तनाव

पोलैंड और यूक्रेन के बीच विवाद का नया मोड़


पोलैंड और यूक्रेन के बीच एक पुराना विवाद फिर से ताजा हो गया है। पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) को दिए जा रहे सम्मान को वापस लेने की अपील की है। पोलैंड का कहना है कि यदि इस मुद्दे पर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो जेलेंस्की को दिया गया देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी वापस लिया जा सकता है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेन की एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम UPA के नायकों के नाम पर रखने का निर्णय लिया।


UPA का इतिहास और पोलैंड की चिंताएँ

पोलैंड ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है। पोलैंड का मानना है कि UPA और उससे जुड़े संगठन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में शामिल थे। जबकि यूक्रेन में इन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के रूप में देखा जाता है। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन के क्षेत्रों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इन घटनाओं को जनसंहार मानता है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाता रहा है। इस कारण UPA से जुड़े किसी भी सम्मान या सरकारी मान्यता पर पोलैंड के लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है.


राष्ट्रपति नावरोत्स्की का सख्त रुख

रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने वर्ष 2023 में जेलेंस्की को दिए गए पोलैंड के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल, को वापस लेने की प्रक्रिया का समर्थन किया है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन पोलैंड के सख्त रुख से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यूक्रेन और पोलैंड कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोगी हैं, लेकिन UPA का इतिहास अब भी विवाद का कारण बना हुआ है। जहां यूक्रेन इसे राष्ट्रीय गर्व से जोड़ता है, वहीं पोलैंड इसे अपने नागरिकों के खिलाफ हुए अत्याचारों की याद मानता है। यह ऐतिहासिक मतभेद अब दोनों देशों के संबंधों के लिए एक नई चुनौती बन गया है.