Newzfatafatlogo

प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा: जी-7 सम्मेलन और भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में फ्रांस में हैं, जहां वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। इस यात्रा के दौरान, वह 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जो भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा, मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान, मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संभावित मुलाकात भी चर्चा का विषय है। जानें इस यात्रा के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 | 
प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा: जी-7 सम्मेलन और भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण विदेश दौरा


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर हैं, जिसमें वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं। यह छह दिन की यात्रा भारत की कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फ्रांस पहुंचने पर, भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह दौरा कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों से भरा हुआ है, जो भारत के वैश्विक संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक होंगे।


नीस में कार्यक्रमों की श्रृंखला

फ्रांस के नीस शहर में पहुंचने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया कि उनकी यात्रा केवल नीस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वह एवियन और पेरिस में भी कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और उसके प्रमुख सहयोगी देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया।


भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन

नीस में, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से "भारत इनोवेट्स 2026" कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में भारतीय स्टार्टअप्स, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय उद्यमियों को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना और नए अवसरों के द्वार खोलना है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस आयोजन में उपस्थित रहेंगे।


मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक

भारत इनोवेट्स कार्यक्रम से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों की समीक्षा करेंगे और उन्हें और मजबूत बनाने के लिए चर्चा करेंगे। बैठक में ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा सहयोग, तकनीकी विकास और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।


जी-7 सम्मेलन में भारत की भागीदारी

फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी-7 सम्मेलन में भी प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे। भारत, जो जी-7 का सदस्य नहीं है, पिछले कुछ वर्षों से विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता रहा है। इस सम्मेलन में भारत के अलावा ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा के दौरान भारत अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।


ट्रंप से संभावित मुलाकात

इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात के बाद वैश्विक और द्विपक्षीय परिस्थितियों में कई बदलाव आए हैं। हाल के घटनाक्रमों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा तेज हो गई है। यदि यह बैठक होती है, तो व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।


वीवा टेक सम्मेलन में भागीदारी

18 जून को, प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित "वीवा टेक" सम्मेलन में भाग लेंगे। यह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आयोजनों में से एक है। इस मंच पर दुनिया भर की अग्रणी टेक कंपनियां, निवेशक और स्टार्टअप संस्थापक उपस्थित रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी यहां भारत की डिजिटल और तकनीकी उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा, भारतीय समुदाय से भी उनकी मुलाकात की संभावना है।


स्लोवाकिया की यात्रा

फ्रांस दौरे के बाद, प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया का दौरा करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, उद्योग और तकनीकी सहयोग को नई गति दे सकती है। साथ ही, यह भारत की यूरोप में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का भी महत्वपूर्ण संकेत है।