प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा: भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री मोदी का नीस में आगमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दौरे के तहत फ्रांस के नीस शहर में कदम रखा। यह यात्रा भारत और फ्रांस के बीच के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 14 जून को, प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीकी विकास और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की संभावना है.
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन
फ्रांस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और शोध संगठनों को वैश्विक निवेशकों और उद्योगों से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इससे भारत के नवाचार और तकनीकी विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि G7 समिट के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात होगी। दोनों नेताओं के बीच लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने बातचीत होने जा रही है। इस बैठक पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है, क्योंकि व्यापार, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। पिछली बार इनकी मुलाकात फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में हुई थी.
स्लोवाकिया का दौरा
फ्रांस के बाद, प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे, जहां वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी और प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।
भारत और फ्रांस के बीच के संबंध पिछले कई दशकों में लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा क्षेत्र में, फ्रांस भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और राफेल लड़ाकू विमानों से लेकर स्कॉर्पीन पनडुब्बियों तक कई बड़े रक्षा सौदों में दोनों देशों ने सहयोग किया है। इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
