फारस की खाड़ी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता: कुवैत के तेल टैंकर पर हमला
नई दिल्ली में राहत की खबर
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर MT काजिमाह III पर प्रक्षिप्त बम से हमला हुआ। इस हमले के बावजूद, जहाज पर मौजूद सभी पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूतावास ने सभी भारतीयों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचाने में मदद की। शुक्रवार को, दूतावास ने X पर एक पोस्ट के माध्यम से इस घटना की जानकारी साझा की और ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। यह टैंकर कच्चे तेल का है और इसका गंतव्य टोगो के लोमे बंदरगाह की ओर था। हमले के समय जहाज अपने मार्ग पर था।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान
यह घटना उस समय हुई है जब भारत फारस की खाड़ी में अपने नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र में 4,500 से अधिक भारतीय नाविक विभिन्न व्यावसायिक जहाजों पर तैनात हैं, जिनमें से लगभग 163 नाविक 12 मालवाहक जहाजों पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत जहाजों की आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा पर नजर रखे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। कई स्थानों पर व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।
जयशंकर की चिंता
पिछले सप्ताह, संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों के प्रति चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया और तनाव कम करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में सामान्य कर्मचारियों की सुरक्षा, ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति और वैश्विक व्यापार को बनाए रखने के लिए संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। पांचों भारतीयों का सुरक्षित बचना एक बड़ी राहत है, लेकिन इस घटना ने समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया है।
