फिलिस्तीन का भारत के लिए समर्थन: UNSC में स्थाई सदस्यता की मांग को मिली नई ताकत
फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम अबू शावेब ने भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत को अस्थाई सदस्यता से आगे बढ़कर स्थाई सदस्य बनना चाहिए। यह बयान भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करता है। भारत की नीति और शांति मिशनों में भागीदारी की सराहना करते हुए, उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
| Jul 16, 2026, 15:24 IST
फिलिस्तीन के राजदूत का भारत के लिए समर्थन
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम अबू शावेब ने भारत के लिए स्पष्ट रूप से समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत केवल 2 या 3 वर्षों के लिए नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का स्थाई सदस्य बनने का पूरा हकदार है। यह बयान फिलिस्तीन की ओर से भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है, जिस पर भारत कई दशकों से अपनी दावेदारी पेश करता आ रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या फिलिस्तीन भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करता है, तो उन्होंने न केवल समर्थन किया, बल्कि यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए भारत जैसे बड़े और प्रभावशाली देश को स्थाई सदस्य बनाना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज के अधिकांश देश सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं और मानते हैं कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए ताकि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को स्थाई सदस्यता मिल सके।
भारत की नीति की सराहना
इस बातचीत में उन्होंने भारत की नीति की भी प्रशंसा की, जिसमें नई दिल्ली लगातार दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करती आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन से जुड़े लगभग सभी प्रस्तावों का समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने 2028-29 के कार्यकाल के लिए यूएनएससी में अस्थाई सदस्य बनने का चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क में, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत की उम्मीदवारी पेश करते हुए शांति दृष्टिकोण को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और भारत संवाद, कूटनीति और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।
भारत की शांति मिशनों में भागीदारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत अब तक लगभग 50 शांति मिशनों में लगभग 3 लाख शांति सैनिक भेज चुका है और वर्तमान में 10 अलग-अलग मिशनों में 4300 से अधिक भारतीय शांति सैनिक तैनात हैं। ये सैनिक दुनिया के कई संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह स्पष्ट है कि भारत वैश्विक शांति के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहा है। भारत पहले भी आठ बार यूएनएससी का स्थाई सदस्य रह चुका है। यदि 2028-29 के लिए चुनाव होता है, तो यह भारत का नौवां कार्यकाल होगा। लेकिन अब केवल अस्थाई सदस्यता की बात नहीं है, बल्कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक और तेजी से उभरते वैश्विक देश को स्थाई सदस्यता मिलनी चाहिए। यह मांग लंबे समय से उठती आ रही है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन की आवश्यकता
फिलिस्तीन के राजदूत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने भारत के चुनाव अभियान का समर्थन किया है और स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत को अब अस्थाई नहीं, बल्कि सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनना चाहिए। यह बयान भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक खुला समर्थन प्रदान करता है, जिसमें नई दिल्ली लगातार कहती आ रही है कि आज की दुनिया में यूएनएससी की संरचना में बदलाव का समय आ चुका है।
