Newzfatafatlogo

फ्रांस में छात्रों का उग्र आंदोलन: शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

फ्रांस में छात्रों का आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है, जहां वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। हाल के प्रदर्शनों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं। सरकार ने छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और सुधार के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजहें।
 | 

फ्रांस में छात्रों का प्रदर्शन


नई दिल्ली: हाल ही में NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों युवाओं ने प्रदर्शन किया था। अब फ्रांस में भी छात्रों का आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहां उनका आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। स्कूली छात्र शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, और कई शहरों में यह प्रदर्शन दंगों में बदल गया है। पुलिस के साथ झड़पों में लगभग 1000 लोग घायल होने की सूचना है।


छात्रों की समस्याएं

छात्रों का कहना है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि शिक्षकों की कमी गंभीर है। इसके अलावा, स्कूलों की इमारतें भी जर्जर स्थिति में हैं और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस स्थिति के कारण छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है।


धमाके में छात्र का हाथ उड़ गया, 5 हजार हिरासत में

रिपोर्टों के अनुसार, लेंस शहर में प्रदर्शन के दौरान एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 15 वर्षीय छात्र का हाथ उड़ गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी जबड़े की सर्जरी भी की गई है। पुलिस ने अब तक 5,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 90 प्रतिशत नाबालिग छात्र हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, और मंगलवार को देशभर में समर्थन रैलियों की उम्मीद है।


बढ़ते बवाल के बीच सरकार की प्रतिक्रिया


फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने छात्रों की शिकायतों को उचित बताया है। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंत्रियों को छात्रों की पांच मुख्य मांगों पर अक्टूबर के अंत तक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।


स्कूलों में बंद और तोड़फोड़

फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 400 से 500 हाई स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह या आंशिक रूप से रोक दी गई है। आंदोलन के दौरान 24 स्कूलों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई है, जिसमें शिक्षा विभाग के 85 कर्मचारी भी घायल हुए हैं। मंत्री ने इसे अभूतपूर्व स्थिति करार दिया है।


आंदोलन का विस्तार

बीबीसी के अनुसार, पेरिस से शुरू हुआ यह आंदोलन अब मोंटपेलियर, नांत और मार्सिले जैसे बड़े शहरों तक फैल चुका है। न्याय मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने बताया कि देश के कुल 3,700 स्कूलों में से लगभग 735 इस आंदोलन से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने कहा है कि सरकार कक्षाओं के संचालन, सुविधाओं में सुधार और विश्वविद्यालय में प्रवेश में पारदर्शिता के लिए तेजी से कदम उठा रही है। साथ ही, स्कूलों में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई वसूलने के लिए बिल भी जल्द लाया जाएगा।